रायपुर। राजधानी रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित राशन दुकानों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शिकायत है कि कुछ दुकानों में हितग्राहियों को निर्धारित चावल देने के बजाय नकद लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो नियमों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड स्थित राशन दुकान (आईडी 441001281) और लालपुर, एमएमआई अस्पताल के पास स्थित दुकान (आईडी 441001283) में इस तरह की गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। दोनों दुकानों का संचालन हेमदुर्गा साहू के नाम पर बताया जा रहा है।
हितग्राहियों का आरोप है कि दुकानों में खुलेआम कहा जा रहा है—“चावल नहीं मिलेगा, पैसा लेना हो तो ले लो, नहीं तो कहीं और से ले लो।” इससे जरूरतमंद लोगों को उनके हक से वंचित होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कुछ राशन दुकान संचालकों ने आपसी तालमेल से चावल का एक तय रेट निर्धारित कर लिया है। जहां बाजार में चावल 30–35 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, वहीं गरीबों से लगभग 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से नकद देकर चावल वापस लिया जा रहा है। कई मामलों में तीन महीने के राशन में से केवल दो महीने का चावल दिया जा रहा है और तीसरे महीने का पैसा दे दिया जाता है।
इधर, धमतरी जिले के कुरुद ब्लॉक से भी चावल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से राशन नहीं मिल रहा और सेल्समैन सिर्फ तारीख पर तारीख दे रहे हैं। यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है।
मामले को लेकर खाद्य विभाग और शासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है, ताकि गरीबों को उनके अधिकारों के अनुसार राशन मिल सके और इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।



