रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा ने कांग्रेस और ‘घमंडिया’ गठबंधन के अन्य दलों द्वारा ‘नारी शक्ति वन्दन अधिनियम’ के मार्ग में निरंतर बाधाएँ उत्पन्न करने के प्रयासों की कड़े शब्दों में निंदा की है। भाजपा की महिला सांसद त्रय ने कहा कि दशकों तक महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को लटकाने, भटकाने और अटकाने वाली ताकतों का असली चेहरा एक बार फिर देश के सामने उजागर हो गया है।
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भाजपा सांसद त्रय चौधरी, जांगड़े और वर्मा ने अपने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कभी भी महिला आरक्षण को धरातल पर उतारने की ईमानदार कोशिश नहीं की। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की नारी शक्ति को उनका उचित अधिकार मिल रहा है, तो कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अनर्गल तर्क देकर इसे रोकने का कुप्रयास कर रहे हैं। भाजपा सांसदों ने कहा कि विपक्ष द्वारा संसद के भीतर और बाहर जिस तरह का आचरण किया गया, वह देश की आधी आबादी के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
विपक्षी दलों का इतिहास रहा है कि उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित और महिला कल्याण से ऊपर अपनी संकीर्ण राजनीति और तुष्टिकरण को रखा है। ‘नारी शक्ति वन्दन अधिनियम’ का विरोध करना यह सिद्ध करता है कि ये दल नहीं चाहते कि भारत की बेटियां नीति-निर्माण के उच्चतम स्तर पर अपनी भागीदारी दर्ज कराएं।
भाजपा सांसदों ने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष की कोई भी बाधा मोदी सरकार के ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ के संकल्प को नहीं डिगा सकती। यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं-बहनों के सम्मान और सामर्थ्य का वन्दन है। भाजपा सांसदों ने देश की जनता, विशेषकर महिलाओं से आह्वान किया है कि वे कांग्रेस और उसके सहयोगियों की इस दकियानूसी सोच को पहचानें, जो प्रगति के हर मार्ग में रोड़ा अटकाने का काम कर रहे हैं।



