बेरूत/तेल अवीव: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इज़राइल द्वारा लेबनान पर किए गए व्यापक हवाई हमलों में 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि एक हजार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है।
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यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से युद्धविराम समझौते की घोषणा की गई थी। हालांकि, इज़राइल ने स्पष्ट किया कि यह समझौता लेबनान में सक्रिय हिज़्बुल्लाह के खिलाफ उसकी कार्रवाई पर लागू नहीं होता।
अहम ठिकानों पर हमले
रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़रायली सेना ने बेरूत और बेका घाटी समेत कई संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया। इन क्षेत्रों में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही थी। हमलों की तीव्रता और व्यापकता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तेज
संयुक्त राष्ट्र ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि युद्धविराम प्रयासों के तुरंत बाद इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है। मानवाधिकार संगठनों ने आम नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
हिज़्बुल्लाह की जवाबी कार्रवाई
हमलों के जवाब में हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़राइल पर रॉकेट दागे और चेतावनी दी कि जब तक हमले जारी रहेंगे, तब तक उसकी प्रतिक्रिया भी जारी रहेगी। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय स्थिरता को और अधिक अनिश्चित बना दिया है।
वैश्विक बाजार पर असर
इस तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में पहले गिरावट के बाद अब फिर से उछाल देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में होने वाली कूटनीतिक वार्ताएं तय करेंगी कि हालात नियंत्रण में आएंगे या और बिगड़ेंगे।



