रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के समग्र विकास के लिए ‘बस्तर 2.0’ का विजन प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर दौरे के लिए आमंत्रित किया, जहां कई बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है।
यह भी पढ़े :- छत्तीसगढ़ में नया धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू: अवैध धर्मांतरण पर सख्त सजा, 7 साल से उम्रकैद तक का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के प्रभाव में आई कमी और क्षेत्र में स्थापित शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब बस्तर विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक सुधारों का खाका प्रस्तुत किया।
360° विकास योजना पर फोकस
मुख्यमंत्री द्वारा सौंपा गया ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत दूरस्थ गांवों को सड़कों से जोड़ने, अधूरी परियोजनाओं को 2027 तक पूरा करने और 228 नई सड़कों व 267 पुलों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग की गई है।

इंफ्रा, शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव
बस्तर में एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा, जबकि युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल भी बनाए जा रहे हैं।
कृषि और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार में स्वीकृत परियोजनाओं से 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। सरकार ने 2029 तक 85% परिवारों की आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का लक्ष्य रखा है।
स्टार्टअप और पर्यटन पर विशेष ध्यान
‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है। पर्यटन के क्षेत्र में चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं।
‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम से गांव-गांव पहुंचेगी योजनाएं
सरकार ने ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने की योजना बनाई है। इसमें दस्तावेज निर्माण और समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज और एजुकेशन सिटी जैसी परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा। इन पहलों से बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां मिलने की उम्मीद है।



