रायपुर। राजधानी में सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के अंतर्राज्यीय नेटवर्क के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एमडीएमए ड्रग्स सप्लाई करने वाले संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दिल्ली से ऑपरेट कर रहे मास्टरमाइंड भी शामिल हैं।
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यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में एसीसीयू, एएनटीएफ और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
जांच में सामने आया कि सिंडिकेट के मास्टरमाइंड महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा दिल्ली में रहकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। ये लोग ‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ के जरिए ड्रग्स सप्लाई करते थे, जिसमें सुनसान स्थानों पर नशे की खेप रखकर लोकेशन और वीडियो के जरिए ग्राहकों को जानकारी दी जाती थी।
ड्रग्स की सप्लाई के लिए कोरियर सर्विस और रैपिडो बाइक राइडर्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने तेलीबांधा क्षेत्र से तीन रैपिडो राइडर्स—सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव को एमडीएमए के साथ पकड़ा। पूछताछ में इनके जरिए कुणाल मंगतानी तक पहुंच बनाई गई, जो कोरियर से ड्रग्स रिसीव करता था।
आगे की कार्रवाई में पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और मास्टरमाइंड महेश खड़का व कुसुम हिन्दुजा को हिरासत में लेकर रायपुर लाया गया, जहां उनकी भूमिका साबित होने पर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 48.03 ग्राम एमडीएमए (कीमत करीब 7 लाख रुपए), 8 पार्टी पिल्स, 9 मोबाइल फोन, एक स्प्लेंडर बाइक और ड्रग्स सप्लाई में इस्तेमाल किए गए कोरियर बॉक्स जब्त किए हैं। कुल जब्ती की कीमत लगभग 10 लाख रुपए आंकी गई है।
आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, खासकर नाइजीरियन सप्लायर्स से जुड़े लिंक की भी जांच कर रही है।



