दंतेवाड़ा। जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 5 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है।
यह भी पढ़े :- रायपुर में ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़: ‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ से सप्लाई, दिल्ली से ऑपरेट कर रहे थे मास्टरमाइंड
सरेंडर करने वालों में 4 महिला और 1 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन पर कुल 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण जिला पुलिस लाइन कारली में ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के तहत हुआ। सरेंडर करने वाले नक्सली हैं एसीएम सोमे कड़ती (5 लाख का इनामी),लखमा ओयाम,सरिता पोड़ियाम,जोगी कलमू,मोटी ओयाम ये सभी भैरमगढ़ और गंगालूर एरिया कमेटी से जुड़े थे। कार्यक्रम में बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी सीआरपीएफ राकेश चौधरी, कलेक्टर देवेश ध्रुव और एसपी गौरव राय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई कर इंसास, एसएलआर और बीजीएल सहित करीब 40 घातक हथियार बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, ‘पूना मारगेम’ योजना का असर लगातार दिख रहा है। वर्ष 2024 से लेकर 31 मार्च 2026 तक दंतेवाड़ा जिले में कुल 607 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
इसके अलावा, संयुक्त नक्सल उन्मूलन अभियान में 92 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 54 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए हैं।



