सूरजपुर। कुमली वाटरफॉल स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस से जुड़े अश्लील डांस और शराब पार्टी के वायरल वीडियो ने जिले में सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए Dirty Dance Video के बाद वन विभाग को आखिरकार सख्त कदम उठाने पड़े हैं।
मामले में डिप्टी रेंजर रविशंकर तिवारी और वन पाल शैलेश टीना लकड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं रामानुजनगर के तत्कालीन रेंजर आर.सी. प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा वन मंडल अधिकारी (DFO) ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर वीडियो में नजर आ रहे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वन विभाग के सरकारी विश्राम गृह के भीतर बार बालाएं अश्लील डांस कर रही हैं, शराब परोसी जा रही है और नियम-कानूनों को खुलेआम ताक पर रखा गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद न सिर्फ विभाग बल्कि पूरे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ये भी पढ़ें : भारत स्काउट-गाइड विवाद: बृजमोहन अग्रवाल की याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
हालांकि वन विभाग का कहना है कि यह वीडियो हालिया नहीं बल्कि पुराना है, लेकिन इससे उपजे विवाद और नाराजगी कम नहीं हुई है। लोगों का सवाल है कि आखिर सरकारी वन विश्राम गृह निजी पार्टियों और रंगीन महफिलों के लिए कैसे इस्तेमाल होता रहा और जिम्मेदार अफसरों ने आंखें क्यों मूंदे रखीं?
गरियाबंद के बाद सूरजपुर से सामने आए इस मामले ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। अब जनता यह जानना चाहती है कि क्या यह मामला सिर्फ निलंबन और नोटिस तक सीमित रहेगा, या फिर दोषियों पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।



