रायपुर। चारामा और सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं चारामा जनपद के पूर्व अध्यक्ष जीवन ठाकुर की गुरुवार को मेकाहारा में इलाज के दौरान मौत हो गई। जीवन ठाकुर की तबीयत कांकेर जेल में बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर इलाज के लिए भेजा गया था, लेकिन परिजनों को इसकी सूचना नहीं दी गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही आदिवासी समाज और कांग्रेस में भारी आक्रोश फैल गया।
जीवन ठाकुर पर शासकीय भूमि पर कूटरचना कर वन भूमि का पट्टा लेने का आरोप था। दो महीने से वह कांकेर जेल में बंद थे। परिजनों ने कांकेर जेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी और समाज के पदाधिकारियों ने ग्राम जाकर परिजनों से मुलाकात की और जेलर समेत जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मौत की सूचना देने पहुंचे पुलिस कर्मियों पर भी ग्रामीणों का गुस्सा फूटा। स्थानीय लोगों और पुलिस की समझाइश के बाद हालात शांत हुए। विधायक मंडावी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आदिवासी समाज से जुड़े लोगों के कारण सरकार ने जीवन ठाकुर के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन होगा।
परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है। गंज पुलिस ने मेकाहारा प्रशासन की सूचना पर मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को रायपुर बुलाया। रायपुर जेल अधीक्षक योगेश कुमार क्षत्री ने बताया कि बंदी की मौत इलाज के दौरान हुई है और नियमानुसार दंडाधिकारीय जांच की जाएगी।




