रायपुर। शहर जिला कांग्रेस कमेटी और पंजीयन समस्या निवारण ग्रुप ने सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित महतारी चौक (मल्टी लेवल पार्किंग) के पास छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा जमीन के बाजार भाव में की गई भारी वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी कर विरोध जताया और मंत्री ओ. पी. चौधरी के नाम 7 सूत्रीय मांग पत्र कलेक्टर को सौंपा।
यह भी पढ़े :- ‘एक राष्ट्र–एक दाम’ की मांग: सांसद बृजमोहन बोले- मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक बढ़े हुए रेट वापस नहीं लिए जाते, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, कांग्रेस कार्यकर्ता और पंजीयन समस्या निवारण ग्रुप के सदस्य मौजूद रहे।
मांग पत्र के मुख्य बिंदु
1. मार्केट का सर्वे करवा कर कमेटी बनाकर वहां की जमीनों के पूर्व से चल रहे कीमत के अनुसार सरकारी दर तय हो।
2. किसानों के जमीन के बारे में गाईड लाईन में कोई स्पष्टता नहीं होने के चलते वर्तमान गाईड लाईन से किसानों को भारी नुकसान दिखाता है। यह कि जमीनों की अत्याधिक कीमत होने से किसानों को जमीन बेचने में परेशानी उत्पन्न हो रही खरीददार नहीं मिल रहे हैं।
3. जमीन की सरकारी दर मार्केट रेट से कई गुना ज्यादा है जैसे निमोरा की जमीन की गाईड लाईन दर 7 गुना बढ़ गया है यहां 600 वर्गफुट की जमीन 4200 + सरकारी दर में हो गया जिससे लोगों के खरीदी, सौदा निरस्त हो गया है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में उदाहरण के लिए अमलीडीह, मारूति रेसीडेंसी व अन्य कॉलोनियों में 30 प्रतिशत छूट के समय गाईड लाईन 1290 रूपये वर्गफीट जो कि अप्रैल 2024 में 30 प्रतिशत छूट खत्म करने के पश्चात गाईड लाईन 1720 रूपये हो गई थी जो अभी गाईड लाईन में वृद्धि के पश्चात 2788 वर्गफीट हो गई जो कि लगभग दोगुने से भी अधिक कीमत बढ़ गई है।
4. यह कि, रजिस्ट्री फीस, स्टाम्प शुल्क के दरों में भारी में वृद्धि से आमजन के जेब में अत्याधिक खर्च वहन करना पड़ रहा है जो कि उचित नहीं है। कई स्थानों पर रजिस्ट्री शुल्क एवं गाईड लाईन के दरों को जोड़ने पश्चात आम जनता एवं मध्यम वर्ग जमीन क्रय करने की क्षमता ही खत्म हो रही है।
5. यह कि. गाईड लाईन बढ़ जाने से बैंक लोन भी अधिक देना पड़ेगा जो कि मध्यम वर्ग एवं निम्न वर्ग के लिए आर्थिक परेशानी पैदा करेगा जो कि अधिक कीमत पर मकान खरीदकर अधिक ब्याज लोन में पटाना पड़ेगा जिससे घरेलू खर्च में बढ़ोतरी हो जाएगी एवं घर चलाना मुश्किल होगा। यह कि, कई जगह पर 5000 वर्गफीट जमीन को खरीदने का रजिस्ट्री खर्च ही 22,00,000/- रूपये लग रहा है।
6. यह कि, मध्यम वर्ग के लिए फ्लैट में कुल जमीन कीमत एवं निर्माण खर्च में प्रथम तल, द्वितीय तल, तृत्तीय तल आदि में मिलने वाली 10 प्रतिशत से 30 प्रतिशत की छूट को समाप्त कर दिया है जो कि अव्यवहारिक है।
7. यह कि, मकान निर्माण का गाईड लाईन 993 वर्गफीट की जगह 1150 रूपये वर्गफीट कर दिया है जिससे की सम्पत्ति की कीमत एवं रजिस्ट्री खर्च बढ़ जायेगा जिससे मध्यम वर्ग एवं निम्न मध्यम वर्ग को आर्थिक परेशानी हो रही है।



