रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि 140 साल पुरानी कांग्रेस आज संगठन सृजन के लिए विवश हो गई है, जो उसकी वैचारिक कंगाली और दयनीय दशा की बड़ी मिसाल है। ठाकुर ने कहा कि एक परिवार के आंगन में सत्ता-सिंहासन को कैद कर देने की अलोकतांत्रिक और परिवारवादी मानसिकता ने कांग्रेस को इस हालत में पहुँचा दिया है।
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भाजपा प्रवक्ता ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का छत्तीसगढ़ के अपने नेताओं से भरोसा उठ चुका है। यही कारण है कि अब जिला अध्यक्षों की नियुक्ति जैसे निर्णय भी दिल्ली में लिए जा रहे हैं और इस कार्य के लिए ऑब्जर्वर भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपसी सिरफुटव्वल के कारण कांग्रेस कई धड़ों में बंट चुकी है, और हाईकमान को अब निचले स्तर तक हस्तक्षेप करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस का गुटीय घमासान अब राजनीतिक आपदा का रूप ले चुका है। हाईकमान को कभी भी आदिवासी नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा, शायद इसी वजह से बैज को फ्री हैंड नहीं दिया गया।”
ठाकुर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “कांग्रेस नेता एक परिवार के चरण छूने में खप गए, खप रहे हैं; लेकिन कार्यकर्ताओं के मन को कभी छू नहीं पाए।” यही वजह है कि 2014 के बाद से कांग्रेस धीरे-धीरे देश के कुछ राज्यों तक सीमित हो गई है और कार्यकर्ताओं में निराशा व्याप्त है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी पार्टी को एकजुट करने में असफल रहे हैं। उनके तमाम ‘पायलट प्रोजेक्ट’ छत्तीसगढ़ में फेल साबित हुए हैं। लगातार दौरों के बावजूद वे प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी तक की घोषणा नहीं करा पाए हैं।
ठाकुर ने कहा कि पायलट के सामने ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के आपसी संघर्ष की तस्वीर साफ दिख रही है। ऐसी स्थिति में वे न तो गुटीय संघर्ष से पार्टी को उबार पा रहे हैं और न ही खुद को इस काजल कोठरी में बेदाग रख पा रहे हैं।



