भरतपुर-सोनहत। दशहरे के अवसर पर दिए गए बयान को लेकर बीजेपी विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह (BJP MLA Renuka Singh) फिर चर्चा में हैं। सोनहत मिनी स्टेडियम में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “हम हर साल रावण जलाते हैं, लेकिन रावण कभी मरता नहीं। हमारे मन में भी रावण है, घर में भी रावण है और सरकार में भी रावण है।” उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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कांग्रेस ने किया तीखा हमला
भरतपुर-सोनहत के पूर्व कांग्रेस विधायक गुलाब कमरो ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि अगर सरकार में रावण है तो जनता जानना चाहती है कि कौन जनता का हक निगल रहा है। कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में नक्सल क्षेत्रों और आदिवासी इलाकों की संपत्तियों पर कब्जा हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ कॉर्पोरेट हितों की सेवा कर रही है और आदिवासी हाशिए पर हैं।
बीजेपी का बचाव
भाजपा सांसद सुनील सोनी ने कहा कि रेणुका सिंह का बयान रावण के प्रतीकात्मक अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इसका गलत अर्थ निकालना गलत है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी कहा कि रावण के दस सिर काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, मान, अहंकार, स्वार्थ और अन्याय के प्रतीक हैं। किसी का यह कहना कि हमारे भीतर रावण है, आत्मनिरीक्षण को दर्शाता है।
विवादों में रही रेणुका सिंह
यह पहली बार नहीं है जब रेणुका सिंह (BJP MLA Renuka Singh) अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में आई हैं। इससे पहले उन्होंने कई बार विवादित टिप्पणियां की हैं, जैसे:
- “मैं अंधेरी कोठरी में ले जाकर बेल्ट से ठोकना जानती हूं।”
- “सोनिया गांधी को धक्के मारकर इटली भेज दो।”
- “सीईओ और तहसीलदार को सूली पर लटका दूंगी।”
- “पुलिस का एक हाथ काटकर दूसरे हाथ में थमा दूंगी।”
अब उनका सरकार में भी रावण है वाला बयान प्रदेश की राजनीति में बहस का केंद्र बन गया है। कांग्रेस इसे भाजपा की विफलताओं की आंतरिक स्वीकारोक्ति मान रही है, जबकि भाजपा इसे प्रतीकात्मक और आत्मनिरीक्षण का विचार बता रही है। (BJP MLA Renuka Singh)



