बालोद। डौंडी नगर पंचायत में शामिल पांच वार्डों को अलग कर स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। मंगलवार को वार्ड क्रमांक 8, 9, 10, 11 और 15 के सैकड़ों रहवासियों ने एकजुट होकर नगर पंचायत कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पंचायत से अलग होने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की मांग रखी।
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तीन बार आवेदन, फिर भी नहीं हुआ समाधान
प्रदर्शन कर रहे वार्डवासियों का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर पहले भी तीन बार नगर पंचायत कार्यालय में आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उनका आरोप है कि नगर पंचायत में शामिल होने के बाद भी उनके इलाकों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो रहे हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध नहीं हैं।
लोगों का कहना है कि उनका सामाजिक और आर्थिक परिवेश अब भी ग्रामीण क्षेत्र जैसा है। ऐसे में वे चाहते हैं कि पांचों वार्डों को नगर पंचायत से अलग कर स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए, जिससे स्थानीय जरूरतों के मुताबिक विकास कार्य कराए जा सकें।
टैक्स का बोझ, रोजगार नहीं मिलने से नाराजगी
वार्डवासियों ने नगर पंचायत क्षेत्र में रहने के कारण लगने वाले विभिन्न करों और शुल्कों को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि नगर पंचायत में शामिल होने के बाद आर्थिक बोझ बढ़ा है, लेकिन इसके अनुपात में सुविधाएं और रोजगार के अवसर नहीं बढ़े।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, ग्राम पंचायत बनने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और रोजगार से जुड़े अवसरों का लाभ सीधे क्षेत्र के लोगों को मिल सकता है।
NOC और कार्यालयी प्रक्रियाओं को लेकर भी उठाए सवाल
लोगों ने निर्माण कार्यों, निजी जरूरतों और अन्य विकास गतिविधियों के लिए बार-बार NOC लेने की प्रक्रिया को भी परेशानी का कारण बताया। उनका कहना है कि इन प्रक्रियाओं के चलते आम लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और काम में देरी होती है।
संवैधानिक प्रावधानों के तहत समीक्षा की मांग
वार्डवासियों ने नगर पंचायत डौंडी के गठन और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की संवैधानिक एवं वैधानिक स्थिति की निष्पक्ष समीक्षा की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 243-ZC और पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों के संदर्भ में क्षेत्र की स्थिति का परीक्षण किया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से रोजगार, आजीविका, करों के आर्थिक बोझ और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार करने की मांग की है।
अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने दिया बैठक का आश्वासन
नगर पंचायत कार्यालय में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने उनसे चर्चा की। उन्होंने मामले को लेकर बैठक आयोजित कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहां से हट गए।




