Cyclone Murasu : बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरसु’ (Cyclone Murasu)आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर दस्तक दे रहा है। ओंगोल के पास तूफान का लैंडफॉल जारी है। इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है। चिराला और ओंगोल में हवा की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
यह भी पढ़े :- Dhanteras 2026: 6 या 7 नवंबर, कब मनाया जाएगा धनतेरस? पंडित ने बताया शुभ मुहूर्त, पूजा का समय और खरीदारी का सही दिन
मौसम विभाग (IMD) लगातार चक्रवात की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा समेत पांच राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। अब तक 19 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। वहीं, आपदा से निपटने के लिए पांच राज्यों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 37 टीमें तैनात की गई हैं। तटीय क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ओंगोल के पास तट से टकरा रहा मुरसु, 120 KM तक पहुंची हवा की रफ्तार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 3 नवंबर 2026 को रात 2:30 बजे चक्रवात ‘मुरसु’ दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था। उस समय इसका केंद्र ओंगोल से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था।
मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान का भीतरी हिस्सा दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में प्रवेश कर रहा है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और ओंगोल के पास नेल्लोर तथा नरसापुर के बीच तट पार करने की संभावना जताई गई है।
इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और तेज झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। चेन्नई और मछलीपट्टनम में स्थापित डॉप्लर मौसम रडार के जरिए चक्रवात की लगातार निगरानी की जा रही है। (Cyclone Murasu)
आंध्र प्रदेश के चिराला और ओंगोल में भारी बारिश, उखड़े पेड़
चक्रवात के तटीय क्षेत्र में पहुंचते ही आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में मौसम ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। ओंगोल और चिराला में तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश हो रही है। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने की खबरें सामने आई हैं।
तूफान के कारण बिजली आपूर्ति, सड़क यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
पांच राज्यों में हाई अलर्ट, NDRF की 37 टीमें तैनात
चक्रवात ‘मुरसु’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए पांच राज्यों में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा सहित प्रभावित राज्यों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।
NDRF की 37 टीमें तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। तटीय इलाकों में स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और निकासी की व्यवस्था पर नजर रख रहा है।
19 उड़ानें रद्द, हवाई यात्रियों की बढ़ी परेशानी
चक्रवात का असर हवाई यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण अब तक 19 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रशासन मौसम की स्थिति के अनुसार उड़ानों का संचालन कर रहे हैं।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट जाने से पहले संबंधित एयरलाइन से अपनी फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर जांच लें।
पुडुचेरी और उत्तरी तमिलनाडु में भी मूसलाधार बारिश
चक्रवात ‘मुरसु’ का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं है। पुडुचेरी में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है। उत्तरी तमिलनाडु के कई इलाकों में भी बारिश का सिलसिला जारी है। इससे सड़क यातायात और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के पूरी तरह तटीय क्षेत्र पार करने के बाद ही बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है। फिलहाल तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तट पार करने के बाद ही मिलेगी राहत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात का लैंडफॉल पूरा होने के बाद भी कुछ समय तक तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसलिए प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और समुद्र तटों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल सभी की नजर चक्रवात ‘मुरसु’ की दिशा, गति और लैंडफॉल की प्रक्रिया पर टिकी है। आने वाले कुछ घंटे आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।




