रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में बड़ी हलचल मच गई है। करोड़ों रुपये के अवैध सट्टा कारोबार के आरोपी और ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत से सौरभ की ट्रांजिट रिमांड मांगी है।
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इस दौरान जांच एजेंसी ने उसका कथित फर्जी पासपोर्ट भी जब्त कर लिया। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे लंच के बाद निर्धारित की।
गिरफ्तारी पर बचाव पक्ष ने उठाए सवाल, CBI ने दिया जवाब
अदालत में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सवाल खड़े किए। बचाव पक्ष का तर्क था कि जब भारत सरकार की ओर से ओमान को केवल मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की जानकारी दी गई थी, तो फिर CBI ने किस कानूनी आधार पर उसे गिरफ्तार किया?
इस पर CBI ने जवाब देते हुए कहा कि बचाव पक्ष जिस पुराने आदेश का हवाला दे रहा है, वह पहले का है। सौरभ की गिरफ्तारी ओमान सरकार के नए आदेश के तहत हुई है, जिसमें किसी एक विशेष जांच एजेंसी का उल्लेख नहीं किया गया है। अब अदालत के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
जूस की दुकान से दुबई के आलीशान साम्राज्य तक का सफर
छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला सौरभ चंद्राकर कभी जूस की दुकान चलाता था। उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे। शुरुआती दौर में सौरभ अपने दोस्त रवि उप्पल के साथ सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़ा। इसके बाद दोनों ने ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क खड़ा किया और वर्ष 2019 में दुबई पहुंचकर कारोबार का विस्तार शुरू किया।
मोबाइल और इंटरनेट के जरिए सट्टा लगाने की सुविधा ने इस नेटवर्क को तेजी से लोकप्रिय बना दिया। देखते ही देखते महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का नेटवर्क देशभर में फैल गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस कारोबार के जरिए हजारों करोड़ रुपये के लेनदेन और अवैध कमाई का नेटवर्क तैयार किया गया।
200 करोड़ की शादी ने खींचा जांच एजेंसियों का ध्यान
महादेव सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सौरभ चंद्राकर की फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में हुई शादी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
ED के मुताबिक, शादी समारोह में करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए गए। परिवार के सदस्यों को नागपुर से UAE ले जाने के लिए निजी विमान किराए पर लिए गए थे। समारोह में बॉलीवुड की कई हस्तियों, डांसरों और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को बुलाया गया था।
जांच एजेंसी ने दावा किया था कि शादी के खर्चों का भुगतान हवाला नेटवर्क के जरिए किया गया। ED के अनुसार, एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को हवाला के माध्यम से करीब 112 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि लगभग 42 करोड़ रुपये की होटल बुकिंग का भुगतान UAE की मुद्रा में नकद किया गया।
हवाला नेटवर्क से लेकर करोड़ों के लेनदेन तक जांच
ED की जांच में सामने आया था कि सट्टेबाजी से हासिल रकम को अलग-अलग बैंक खातों तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था। नए यूजर्स और फ्रेंचाइजी यानी पैनल संचालकों को जोड़ने के लिए देशभर में नकद रकम खर्च कर प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा था।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों ने UAE में बैठकर इस पूरे नेटवर्क का संचालन किया और अवैध कमाई को अलग-अलग माध्यमों से खपाया।
70 FIR, 300 से ज्यादा गिरफ्तारियां
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में अब तक अलग-अलग एजेंसियों की जांच के दौरान बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई है। उपलब्ध मामले के विवरण के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े 70 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 300 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
ऐप के कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर भी जांच में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी और अनिल अग्रवाल के बीच कथित हिस्सेदारी की जानकारी भी जांच का हिस्सा रही है।




