रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इस मामले के प्रमुख आरोपी और ऐप प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से गिरफ्तार कर भारत लाया गया है। उसकी गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुशी जाहिर करते हुए इसे बड़ी कामयाबी बताया है।
सोमवार सुबह रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) सहित सभी केंद्रीय एजेंसियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सौरभ चंद्राकर को पकड़ने के लिए CBI लगातार प्रयास कर रही थी। अब उसकी पूछताछ से महादेव सट्टा मामले में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
CM साय ने थपथपाई CBI की पीठ, कहा- जांच में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले के मुख्य आरोपी को पकड़ना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। CBI लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थी और आखिरकार उसे भारत लाने में सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई के लिए CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि आरोपी से पूछताछ के बाद मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे।
गौरतलब है कि महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही है। राज्य सरकार ने इस प्रकरण से संबंधित 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी थीं। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मामले में वित्तीय अनियमितताओं और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहा है। ED की ओर से सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दाखिल की जा चुकी है।
इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस से पकड़ा गया सौरभ चंद्राकर
CBI की ओर से 1 नवंबर 2026 को जारी जानकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी के आधार पर उसकी तलाश ओमान में की गई। बाद में रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
इसके बाद भारतीय जांच एजेंसियों ने ओमान सरकार के समक्ष औपचारिक प्रत्यर्पण प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस प्रक्रिया में CBI और ED की ओर से जुटाए गए साक्ष्य भी साझा किए गए। भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियों, इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो और ओमान के संबंधित अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय के बाद प्रत्यर्पण की अनुमति मिली।
अनुमति मिलने के बाद CBI की विशेष टीम मस्कट पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सौरभ चंद्राकर को भारत लेकर आई। इस कार्रवाई को विदेश में छिपे आर्थिक अपराध के आरोपियों को भारत लाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
आज रायपुर की विशेष CBI अदालत में होगी पेशी
भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद जांच एजेंसी ने उसे रायपुर लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी की। CBI के अनुसार, 2 नवंबर को उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा।
अदालत में पेशी के बाद जांच एजेंसी उसकी हिरासत और पूछताछ को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपना सकती है। जांच अधिकारियों की नजर महादेव सट्टा ऐप के संचालन, कथित आर्थिक लेनदेन, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और विदेशों में मौजूद संपत्तियों से संबंधित जानकारियों पर रहेगी।
सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के बाद अब महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच में तेजी आने की संभावना है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान इस कथित




