रायपुर/नई दिल्ली. महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तारी के बाद प्रत्यर्पित कर भारत लाने में सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है। सीबीआई की टीम ने भारत की अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ उसे ओमान में गिरफ्तार किया था। सौरभ चंद्रकार ने महादेव सट्टा एप के माध्यम से आनलाइन बैटिंग का एक गैर कानूनी देशव्यापी सिंडिकेट तैयार किया था और इस अवैध कारोबार से 94 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई है।
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गिरफ्तारी के बाद भारत लाये गये सौरभ चंद्राकर को रायपुर लाया जा रहा है और सोमवार को मेडिकल एक्जामिनेशन के बाद विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से महादेव सट्टा एप से जुड़े आरोपियों और उन्हें संरक्षण देने वाले राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों पर बड़ा खुलासा हो सकता है। एप के संचालकों से सरकारी संरक्षण देने के एवज में 508 करोड़ रुपये लेने के आरोप में घिरे एक बड़े राजनेता पर कार्रवाई संभव हैं। ईडी और सीबीआइ दोनों इस मामले की जांच कर रही हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 13 अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई थी और इन सभी मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परिवार और सहयोगियों के साथ 2019 में भिलाई से भागने के बाद सौरभ चंद्राकर दुबई में रह रहा था और वहीं महादेव सट्टा एप का हेडक्वार्टर बना रखा था। 2023 में जांच शुरू होने और एजेंसियों का दबाव बनने के बाद वह ओमान भाग गया और वहां वानुअतु का नागरिक बताने लगा। लेकिन भारतीय अदालत के गिरफ्तारी वारंट, इंटरपोल की रेड कार्नर नोटिस के सहारे भारतीय एजेंसियां उसे भारत का नागरिक साबित करने में सफल रही।
देश के सबसे बड़े अवैध बेटिंग नेटवर्क की जांच में बड़ा कदम
सीबीआई ने महादेव सट्टा एप की जांच छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर शुरू की थी। जांच में सामने आया था कि यह देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक था, जिसका संचालन विदेश से किया जा रहा था। इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और अन्य आयोजनों पर अवैध सट्टा लगाया जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, देशभर में फैले फ्रेंचाइजी आधारित पैनल और शाखाओं के माध्यम से लोगों को जोड़ा जाता था और उनसे दांव की रकम एकत्र की जाती थी। अभी तक के आंकलन के अनुसार रकम 94 हजार करोड़ रुपए बताई जा रही है पंरतु आगे की जांच में और बढ़ने की बात जांच एजेंसियों ने स्वीकार की है।
भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और साजिश समेत कई धाराएं
सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अलावा भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किए हैं। सौरभ चंद्राकर इन मामलों में प्रमुख आरोपियों में शामिल है। वहीं ईडी ने इस मामले में भारत सहित विदेशों में की संपत्तियों को पहले ही अटैच कर चुकी हैं।




