रायपुर। छत्तीसगढ़ में एसआईआर, चुनाव आयोग और कांग्रेस की दिल्ली रैली को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश से बार-बार नकारे जाने के बाद कांग्रेस राजनीतिक हताशा में निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर मनगढ़ंत आरोप लगा रही है।
संतोष पाण्डेय ने सवाल उठाया कि एसआईआर को लेकर लगातार सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस पहले यह बताए कि फर्जी मतदाताओं के सहारे उसने कितने चुनाव जीते हैं। उन्होंने कहा कि हर चुनावी हार के बाद कभी ईवीएम तो कभी मतदाता सूची पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक शैली बन चुकी है। जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है।
रामलीला मैदान की रैली पर भी साधा निशाना
भाजपा सांसद ने दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन लोकतंत्र बचाने की लड़ाई नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और कांग्रेस की डूबती राजनीतिक साख बचाने की कोशिश है। राहुल गांधी और दीपक बैज हार की हताशा में झूठी कहानियां गढ़ रहे हैं।
संसद में विपक्ष के रवैये पर टिप्पणी करते हुए पाण्डेय ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास सदन में चर्चा के लिए ठोस तर्क नहीं होते। विपक्षी सांसद बहस में हिस्सा लेने के बजाय सदन से बाहर आकर संसद की गरिमा पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने विपक्ष की गतिविधियों को समानांतर संसद चलाने का प्रयास बताते हुए तीखी आलोचना की।
एसआईआर को बताया पारदर्शी और वैधानिक प्रक्रिया
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर कांग्रेस की बयानबाजी पर पलटवार करते हुए संतोष पाण्डेय ने कहा कि मतदाता सूची का अद्यतनीकरण एक सतत, पारदर्शी और वैधानिक प्रक्रिया है। इसके तहत मृत, स्थानांतरित और दोहरे मतदाताओं के नाम नियमानुसार जांच के बाद हटाए जाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को परेशानी इस बात से है कि मतदाता सूची से फर्जी नामों को हटाया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त जैसी संवैधानिक संस्था पर दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीतिक सोच को दर्शाता है।
आपातकाल से लेकर घोटालों तक कांग्रेस पर हमला
भाजपा सांसद ने कांग्रेस को वर्ष 1975 के आपातकाल की याद दिलाते हुए कहा कि जिस पार्टी ने कभी संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलकर आपातकाल लगाया था, वही आज लोकतंत्र की रक्षा करने का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह दोहरा चरित्र जनता अच्छी तरह समझ चुकी है।
पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में कोल लेवी, शराब, पीएससी और डीएमएफ से जुड़े घोटालों के जरिए गरीबों, युवाओं और आदिवासियों के हितों को नुकसान पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता दे रही है। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
‘कांग्रेस का छत्तीसगढ़िया प्रेम महज दिखावा’
संतोष पाण्डेय ने राज्योत्सव के दौरान कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की खुशियों और राज्य की उपलब्धियों से कोई सरोकार नहीं है। उसका छत्तीसगढ़िया प्रेम केवल दिखावा है। राहुल गांधी के इशारे पर दिल्ली में जुटे कांग्रेस नेताओं का उद्देश्य प्रदेश की अस्मिता नहीं, बल्कि पार्टी आलाकमान को खुश करना है।
अंत में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और प्रदेश की डबल इंजन सरकार की नीतियों पर भरोसा करती है। कांग्रेस चाहे जितने नारे लगाए या आरोप लगाए, जनता चुनाव में अपने मताधिकार के जरिए उसे जवाब देगी।




