रायपुर। छत्तीसगढ़ आज अपने गठन के 26 वर्ष पूरे कर रहा है। एक नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर अस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ ने इन 26 वर्षों में विकास, संस्कृति, परंपरा और नई संभावनाओं के साथ अपनी अलग पहचान बनाई है। राज्य स्थापना दिवस के इस खास अवसर पर राजधानी क्षेत्र नवा रायपुर में आज से तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और उपलब्धियों की झलक देखने को मिलेगी।
नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में आयोजित होने वाले राज्योत्सव की इस बार की थीम ‘सशक्त नारी-युवा उड़ान’ रखी गई है। आयोजन में देशभर से आए कलाकारों और शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। वहीं, बॉलीवुड के चर्चित कलाकारों की प्रस्तुतियां भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। समारोह के दौरान 41 राज्य अलंकरण एवं पुरस्कार प्रदान कर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
राज्योत्सव के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया शामिल होंगे, जबकि समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी रहेगी।
छह रास्तों से होगी एंट्री, 40 हजार वाहनों की पार्किंग
राज्योत्सव में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। आयोजन स्थल तक पहुंचने के लिए छह अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। वहीं, लगभग 40 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
दर्शकों के प्रवेश और निकास को व्यवस्थित रखने के लिए दो प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। पार्किंग स्थलों से आयोजन परिसर तक लोगों की आवाजाही सुचारू बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस एवं प्रशासन की टीमें तैनात रहेंगी।
300 शौचालय, 20 बेड का अस्पताल और 25 एंबुलेंस तैनात
तीन दिवसीय आयोजन में आने वाले दर्शकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए परिसर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। लोगों के लिए करीब 300 शौचालय बनाए गए हैं। स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए 20 बेड का अस्पताल, आईसीयू और 25 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा अग्निशमन वाहनों की तैनाती के साथ बिजली, पेयजल, साफ-सफाई और रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है। विशाल डोम में दर्शकों के बैठने का इंतजाम किया गया है। कार्यक्रमों को सभी दर्शकों तक पहुंचाने के लिए परिसर में लगभग 60 एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं।
आसमान में दिखेगा भारतीय वायुसेना का शौर्य, सारंग और सूर्यकिरण टीम दिखाएगी करतब
इस बार राज्योत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय वायुसेना का एयर शो रहने वाला है। एक और दो नवंबर को आयोजित होने वाले इस प्रदर्शन में वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर टीम और सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आसमान में रोमांचक करतब दिखाएगी।

सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टर रायपुर में अभ्यास कर चुके हैं। नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में होने वाले एयर शो के दौरान नौ विमानों के जरिए करीब 40 मिनट तक आकर्षक फॉर्मेशन और हवाई करतब प्रस्तुत किए जाएंगे। आसमान में विमानों की कलाबाजियां और हेलीकॉप्टरों का सामूहिक प्रदर्शन दर्शकों के लिए खास अनुभव होगा।
पलक मुच्छाल से अभिजीत भट्टाचार्य तक, बॉलीवुड कलाकार जमाएंगे रंग
राज्योत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी विशेष तैयारी की गई है। बॉलीवुड के मशहूर कलाकार पलक मुच्छाल, स्वस्ति मेहुल और अभिजीत भट्टाचार्य अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच मिलेगा।
तीन दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों में लोककला, लोकनृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा और विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा।
देशभर के शिल्पकारों ने सजाया राज्योत्सव परिसर
राज्योत्सव परिसर को आकर्षक रूप देने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से आए कारीगरों और शिल्पकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया है। यहां विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं, प्रदेश की विकास उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
विभिन्न विभागों के स्टॉल के जरिए आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों की हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाओं को भी देखने का मौका मिलेगा।
तीन दिन तक उत्सव, विकास और संस्कृति का संगम
छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर आयोजित यह राज्योत्सव प्रदेश की विकास यात्रा और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने का बड़ा मंच बनेगा। जहां एक ओर एयर शो और बॉलीवुड कलाकारों की प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगी, वहीं दूसरी ओर सरकारी प्रदर्शनियां और राज्य अलंकरण समारोह प्रदेश की उपलब्धियों को रेखांकित करेंगे।
हालांकि, इतने बड़े आयोजन की सफलता केवल भव्य मंच और आकर्षक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। दर्शकों को आने-जाने, पार्किंग, बैठने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी अहम भूमिका रहेगी। अब देखना होगा कि तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रशासन की तैयारियां और व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी साबित होती हैं।




