नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इन मामलों में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा से जुड़े कुल 13 आरोपियों की पहचान की गई है। इनमें से सात अन्य आरोपियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। जांच में कॉल फॉरवर्डिंग, परिचित बनकर फर्जी भुगतान का झांसा देने और डराकर पैसे ऐंठने जैसे तरीके सामने आए हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन में यह कार्रवाई थाना छोटे डोंगर और थाना झाराघाटी में दर्ज प्रकरणों के तहत की गई। पुलिस ने मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की। अधिकारियों के अनुसार, मामलों की विवेचना अभी जारी है।
कॉल फॉरवर्डिंग से 10 हजार रुपये की ठगी
थाना छोटे डोंगर में दर्ज अपराध क्रमांक 19/2026 में कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए 10 हजार रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया। पुलिस ने जांच के आधार पर उत्तरप्रदेश के बलिया निवासी रितेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में कॉल फॉरवर्डिंग के माध्यम से ठगी की गई थी। मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
फोन-पे के फर्जी संदेश से 71,606 रुपये की चपत
थाना छोटे डोंगर में दर्ज अपराध क्रमांक 20/2026 में ठगी का तरीका अलग था। शिकायत के मुताबिक, एक व्यक्ति ने खुद को परिचित बताकर पीड़ित को फोन किया और फोन-पे के माध्यम से 50 हजार रुपये भेजने की बात कही। इसके बाद 50 हजार रुपये प्राप्त होने का फर्जी संदेश भेजकर पीड़ित से रकम वापस करने को कहा गया।
आरोपी के झांसे में आकर पीड़ित ने पैसे वापस भेज दिए। इसके बाद उसे रकम लौटाने के नाम पर मोबाइल पर बताई गई प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कहा गया। इस दौरान उसके बैंक खाते से अलग-अलग बार रकम कटती रही और कुल 71,606 रुपये की ठगी हो गई।
पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) एवं 66(D) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
इस प्रकरण में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के भितरवार निवासी रमेश साहू, शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र के आकाश रावत, ग्वालियर जिले के दादूमर निवासी अजय परिहार और हरियाणा के नूंह जिले के पुन्हाना क्षेत्र के मोहम्मद अरमान खान शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों तक पहुंचने के लिए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई। मध्यप्रदेश और हरियाणा में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा गया। मोहम्मद अरमान खान को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि अन्य तीन आरोपी पहले से न्यायिक अभिरक्षा में हैं। इस मामले में सात अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
डराकर एक लाख रुपये ऐंठने का आरोप
थाना झाराघाटी में दर्ज अपराध क्रमांक 03/2026 में ग्राम महीमा गवाड़ी में डराकर एक लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया। पुलिस ने इस प्रकरण में मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के निवासी राजा भैया लोधी को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में भी भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) एवं 66(D) के तहत कार्रवाई की गई है।
तीन राज्यों तक पहुंची जांच
नारायणपुर पुलिस के मुताबिक, तीनों मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है। कार्रवाई में साइबर सेल और संबंधित थानों की टीमों ने भूमिका निभाई। पुलिस अब इन मामलों में अन्य संदिग्धों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जांच के जरिए ठगी के नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की अपील: फर्जी भुगतान संदेश से रहें सावधान
नारायणपुर पुलिस ने नागरिकों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय न करें। पैसे प्राप्त होने का संदेश मिलने पर केवल मैसेज पर भरोसा करने के बजाय अपने बैंक खाते में रकम की पुष्टि करें।
इसके अलावा, बिना सत्यापन के किसी के कहने पर पैसे वापस न भेजें और किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है।




