जशपुर। छत्तीसगढ़ में गौवंश तस्करी और अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत जशपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लोदाम थाना क्षेत्र में 11 गौवंशों की तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बसी अहमद (35), निवासी साईं टांगरटोली, थाना लोदाम, जिला जशपुर और इमरोज खान (40), निवासी बरगीडांड, थाना रायडीह, जिला गुमला, झारखंड के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, 7 दिसंबर 2025 को लोदाम पुलिस को सूचना मिली थी कि पिकअप वाहन क्रमांक JH-10-BS-8773 में गौवंशों को भरकर अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम भलमंडा के पास नेशनल हाईवे पर नाकाबंदी की।
पुलिस ने संदिग्ध पिकअप को रोकने की कोशिश की, लेकिन वाहन में सवार लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 11 गौवंश मिले। Altaf ने सभी को मुक्त कराया और तस्करी में इस्तेमाल पिकअप को जब्त कर लिया। मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने सक्ती जिले के चंद्रपुर निवासी मंजीत जांगड़े (23) को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बसी अहमद और इमरोज खान की कथित संलिप्तता सामने आई। इसके बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे।
पुलिस उनकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि बसी अहमद लोदाम के बाजार डांड़ क्षेत्र में मौजूद है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दूसरे आरोपी इमरोज खान को झारखंड के गुमला जिले में उसके गृह क्षेत्र से पकड़ा गया।
मोटरसाइकिल, मोबाइल और कैश जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हीरो HF डीलक्स मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और 1 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
बाकी नेटवर्क की भी तलाश जारी
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि गौवंश तस्करी के मामले में फरार चल रहे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस अवैध परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की भी पतासाजी कर रही है।
उन्होंने कहा कि जिले में गौवंशों की तस्करी और अवैध परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




