बीजापुर। जिले के गंगालूर स्थित कन्या आश्रम में पढ़ने वाली एक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई है, जबकि दूसरी छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों छात्राओं को पहले गंगालूर और बीजापुर के सरकारी अस्पताल में उपचार के बाद जगदलपुर के डिमरापाल स्थित स्व. बलिराम कश्यप मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया था। यहां करीब एक सप्ताह इलाज के बाद कक्षा छठवीं की छात्रा अनिता उरसा की शनिवार को मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि दोनों छात्राएं आदिम जाति कल्याण विभाग के कन्या आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। छात्राओं को पहले बुखार की शिकायत हुई थी। इसके बाद उन्हें गंगालूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जांच की गई। बीमारी स्पष्ट नहीं होने पर दोनों को बेहतर इलाज के लिए बीजापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
बीजापुर में भी नहीं हुआ सुधार
बीजापुर जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज किए जाने के बावजूद दोनों छात्राओं की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें जगदलपुर के डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। यहां दोनों का उपचार चल रहा था।
इलाज के दौरान शनिवार को कक्षा छठवीं की छात्रा अनिता उरसा ने दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, दोनों छात्राओं में जापानी बुखार होने की बात सामने आई है। साथ ही मलेरिया से भी संक्रमित होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बीमारी की अंतिम पुष्टि चिकित्सकीय जांच और रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
आश्रम में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
छात्रा की मौत के बाद गंगालूर कन्या आश्रम में रह रहे बच्चों की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, आश्रम में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर संबंधित अधीक्षिका को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
गंगालूर की सरपंच पायल हेमला ने बताया कि उन्हें आश्रम की दो छात्राओं के बीमार होने की जानकारी मिली थी। इनमें से एक छात्रा की शनिवार को मौत होने की जानकारी है। उन्होंने कहा कि आश्रम छात्रावास में अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आती रही हैं और वहां रहने वाले बच्चे अक्सर बीमार पड़ते हैं।
सरपंच ने आश्रम में रहने वाले बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जरूरत बताते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। खासकर आदिवासी क्षेत्रों के आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की समय-समय पर मेडिकल जांच और स्वास्थ्य निगरानी जरूरी है।
फिलहाल छात्रा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से मामले की निगरानी की जा रही है। दूसरी छात्रा की हालत गंभीर होने के कारण उसका इलाज जगदलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है। बीमारी के वास्तविक कारण और आश्रम में अन्य छात्राओं के स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।




