रायपुर, 19 जुलाई। Overtime Scam : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में हुए 172 करोड़ रुपये के कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में आबकारी विभाग के तत्कालीन प्रबंध संचालक (MD) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार को उन्हें विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश कर 20 जुलाई तक की EOW रिमांड पर लिया गया है।
पूछताछ में नहीं दे पाए संतोषप्रद जवाब
सूत्रों के मुताबिक, घोटाले की जांच के दौरान कमीशनखोरी के सिंडिकेट में अरुणपति त्रिपाठी की संलिप्तता के पुख्ता इनपुट मिले थे। इसी सिलसिले में EOW ने समंस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। जांच अधिकारियों के तीखे सवालों का संतोषप्रद जवाब न देने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
घोटाले का पूरा गणित: कहां और कैसे बंटी रकम?
जांच में सामने आया है कि साल 2019-20 से 2023-24 के बीच नियमों को ताक पर रखकर मैनपावर एजेंसियों को 182.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया, जिसमें से 172 करोड़ से अधिक का घोटाला आंका गया है। इसका ब्योरा इस प्रकार है-
ओवरटाइम: ~101.20 करोड़ रुपये
अतिरिक्त चार कार्यदिवस: ~54.46 करोड़ रुपये
सर्विस चार्ज: ~15.11 करोड़ रुपये
बोनस: ~12.21 करोड़ रुपये
कमिशनखोरी का खेल: EOW का आरोप है कि इस भारी-भरकम राशि का एक बड़ा हिस्सा एक सुनियोजित सिंडिकेट के माध्यम से कथित कमीशन के तौर पर विभिन्न रसूखदारों और अफसरों तक पहुंचाया गया था।
ED की रेड से खुला था राज
इस घोटाले की जड़ें 29 नवंबर 2023 को तब उजागर हुईं, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब, कोयला और महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले की जांच के दौरान 3 संदिग्धों को दबोचा था। उनके पास से 28.80 लाख रुपये कैश मिले थे। ED की इसी खुफिया रिपोर्ट के आधार पर EOW ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी।
ये मैनपावर एजेंसियां और आरोपी हैं रडार पर
EOW इस घोटाले में शामिल कई नामचीन मैनपावर कंपनियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है, जिनमें शामिल हैं- सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रासर्विसेज, अलर्ट कमांडोज, ईगल हंटर साल्यूशंस।
अब तक हो चुकी हैं ये गिरफ्तारियां
इस मामले में अनवर ढेबर, नवीन प्रताप सिंह तोमर, तिजऊराम निर्मलकर, अभिषेक सिंह, नीरज कुमार चौधरी, अजय लोहिया, अजीत नरबले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, एन उदय राव, राजीव द्विवेदी और संजीव जैन को पहले ही गिरफ्तार कर चालान पेश किया जा चुका है। अब अरुणपति त्रिपाठी से रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।



