रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत वितरित उपहार सामग्री की गुणवत्ता और योजना के वित्तीय प्रबंधन को लेकर सरकार से जवाब मांगा गया। कांग्रेस विधायक अनिला भेंडिया ने बालोद जिले में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों, खर्च और नकली मंगलसूत्र वितरण के आरोपों का मुद्दा सदन में उठाया।
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महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि बालोद जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 7 सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 400 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इन आयोजनों पर कुल 1 करोड़ 99 लाख 95 हजार 294 रुपये खर्च किए गए।
मंत्री ने कहा कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के लिए श्रृंगार सामग्री पर अधिकतम 7 हजार रुपये तक खर्च करने का प्रावधान है। हालांकि, मंगलसूत्र और बिछिया के लिए अलग से कोई निर्धारित राशि तय नहीं की गई है।
प्रश्नों के जवाब में मंत्री ने बताया कि योजना से जुड़े किसी भी सप्लायर के बिल से अब तक कोई रिकवरी नहीं की गई है और न ही किसी फर्म को ब्लैकलिस्ट किया गया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वितरित उपहार सामग्री की लैब टेस्टिंग नहीं कराई गई और न ही इस संबंध में कोई वित्तीय ऑडिट कराया गया।
सदन में नकली मंगलसूत्र वितरण के आरोपों का मुद्दा उठने पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्पष्ट किया कि जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है, वह बालोद जिले से संबंधित नहीं है।



