पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक)
रायपुर/छत्तीसगढ़. राजधानी रायपुर में विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। विधानसभा के पटल पर पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक उमेश पटेल ने एक सवाल पूछा था कि विगत दो वर्षों में प्रदेश में हत्या, लूटपाट, अपहरण, हिरासत में मृत्यु और जेल में मृत्यु के कितने मामले है ? उन्होंने यह भी पूछा था कि प्रदेश में सर्वाधिक से कम अपराध वाले जिलों की जानकारी क्रमवार देवें। इस प्रश्न के जवाब में जो आंकड़े उपमुख्यमंत्री ( गृह ) विजय शर्मा ने प्रस्तुत किए हैं वो बहुत ही चौंकाने वाले हैं।
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उपमुख्यमंत्री ( गृह ) विजय शर्मा के अनुसार पटल में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 1 जुलाई 2024 से 30 जून 2026 तक राज्य के 34 जिलों में राजधानी रायपुर में सबसे ज्यादा 31,867 अपराध विभिन्न थानों में पंजीबद्ध किए गए और रायपुर सेंट्रल जेल में 81 कैदियों की मौत हुई। वहीं सबसे कम 564 अपराधिक मामले नारायणपुर जिले में दर्ज किये गये है।

न्यायधानी बिलासपुर, राजधानी रायपुर के बाद दूसरा सबसे ज्यादा अपराधिक मामलों को दर्ज करने वाला जिला है जहां कुल 28,924 आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज किये गये है। बिलासपुर सेंट्रल जेल में पिछले 2 वर्षों में कुल 17 कैदियों की मौत हुई है। जहां राज्य की अन्य 12 जेलों में इस दौरान कुल 27 कैदियों की मौत हुई है वहीं अन्य 15 जेलों में एक भी क़ैदी की मृत्यु नहीं हुई है।

बताये गये आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाले आंकड़े रायपुर के है यहां पिछले 2 वर्षों में कुल 169 हत्या, 1,158 अपरहण और 130 लूट की वारदातें दर्ज की गई है। बिलासपुर में 109 हत्या, 769 अपरहण और 65 लूट की वारदातें दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार अपराध के मामले में रायपुर नंबर 1 और बिलासपुर नंबर 2 स्थान पर है। सबसे कम अपराध नारायणपुर जिले में दर्ज किये गये है यहां हत्या के 24, अपरहण के 19 और लूट की 0 वारदातें दर्ज की गई है।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गृह जिला जशपुर अपराधिक मामलों में 10वे स्थान पर है यहां हत्या की 114, अपरहण की 195 और लूट के 15 मामले दर्ज किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ( गृह ) विजय शर्मा के गृह जिले कबीरधाम में हत्या के 54, अपरहण के 198 और लूट के 8 मामले दर्ज किए गए। जहां आपराधिक मामलों में कबीरधाम जिला 13वें पायदान में है वही मुंगेली जिला जो की उपमुख्यमंत्री अरुण साव का गृह जिला है वो आपराधिक मामलों में 17वें पायदान में है। मुंगेली जिले में हत्या के 27, अपरहण के 164 और लूट के 15 मामले दर्ज किए गए हैं।

पिछले दो वर्षों के राज्य भर के अपराधिक मामलों पर बात की जाये तो प्रदेश भर में इस दौरान कुल 2,30,172 आपराधिक मामले सभी 33 जिलों के विभिन्न थानों में दर्ज किए गए हैं। वहीं राज्य की कुल 30 जेलों में 125 कैदियों की मौतें हुई हैं।



