रायपुर, 15 जुलाई। Mahadev Betting App Case : महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उसे 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाने की अनुमति दी है। बुधवार को उसे रायपुर की विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां ED कस्टोडियल रिमांड की मांग करेगी।
महादेव बेटिंग ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी तेज
ED अब विकास गर्ग से कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ करेगी। एजेंसी इससे पहले विकास गर्ग से जुड़ी 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है।
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद तेज हुई जांच
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का कथित संचालक सौरभ चंद्राकर हाल ही में ओमान में गिरफ्तार हुआ। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है।
हर महीने 450 करोड़ से ज्यादा का अवैध कारोबार: ED
ED के अनुसार, जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले सहित कई राज्यों में दर्ज FIR के आधार पर की गई थी। एजेंसी का दावा है कि ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल नेटवर्क के जरिए हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध कारोबार कर रहा था।
शेल कंपनियों के जरिए कथित मनी लॉन्ड्रिंग
जांच में ED का दावा है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित धन को शेल कंपनियों और कई स्तर के वित्तीय लेन-देन के माध्यम से वैध दिखाने का प्रयास किया गया। एजेंसी के मुताबिक, कथित अपराध से अर्जित करीब 940.77 करोड़ रुपये विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों तक पहुंचे, जिनसे बाद में शेयर, निवेश और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं।
3,800 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जांच के दायरे में
ED के अनुसार, इस मामले में पहले भी कई चरणों में कार्रवाई की जा चुकी है। अब तक महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज बेटिंग नेटवर्क से जुड़ी करीब 3,800 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है।



