रायपुर। वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता मो. अकबर द्वारा नकटी क्षेत्र की 1076 एकड़ भूमि को बिल्डरों को सौंपने की तैयारी संबंधी आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत, झूठा और राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास न तथ्य हैं, न प्रमाण, इसलिए जनता को भ्रमित करने के लिए झूठ का सहारा लिया जा रहा है।
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केदार कश्यप ने कहा कि मो. अकबर पहले यह जवाब दें कि जिस भूमि से जुड़ी पूरी प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? आज जब साय सरकार कानून के अनुसार सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का काम कर रही है, तब कांग्रेस अपनी नाकामियों और पापों को छिपाने के लिए झूठे आरोपों की राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि नकटी में हुई कार्रवाई किसी बिल्डर या निजी हित के लिए नहीं, बल्कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और कानून के राज की स्थापना के लिए की गई है। साय सरकार की नीति स्पष्ट है—भू-माफिया चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे संरक्षण नहीं मिलेगा और किसी भी गरीब के साथ अन्याय भी नहीं होने दिया जाएगा।
वन मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के संरक्षण में वर्षों तक सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे पनपते रहे। अब जब उन पर वैधानिक कार्रवाई हो रही है तो कांग्रेस नेताओं को तकलीफ हो रही है। प्रदेश की जनता अच्छी तरह समझती है कि कांग्रेस का उद्देश्य गरीबों का हित नहीं, बल्कि अवैध कब्जों की राजनीति को बचाना है।
केदार कश्यप ने मो. अकबर को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके आरोपों में जरा भी सच्चाई है तो वे दस्तावेज और प्रमाण सार्वजनिक करें। केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर झूठ बोलने से सच नहीं बदल जाएगा। यदि वे ऐसा नहीं कर सकते तो प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
उन्होंने कहा कि साय सरकार किसी भी दुष्प्रचार या राजनीतिक दबाव में आने वाली नहीं है। सरकारी भूमि की रक्षा, कानून का निष्पक्ष पालन और गरीबों के हितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह अभियान पूरी पारदर्शिता के साथ आगे भी जारी रहेगा।



