धमतरी। नगरी थाना क्षेत्र में मछली व्यापारी विप्लव मंडल की हत्या और लूट के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि मृतक के साथ काम करने वाले मजदूरों ने मजदूरी बढ़ाने को लेकर हुए विवाद और रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी नकदी और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए थे।
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पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और वैज्ञानिक जांच के आधार पर मामले का खुलासा किया। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, विप्लव मंडल निजी फिश फार्म संचालित करता था, जहां आरोपी मजदूरी करते थे। मजदूरी बढ़ाने की मांग पूरी नहीं होने और कथित अपमानजनक व्यवहार से नाराज आरोपियों ने पहले 25 जून को हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन उसे अंजाम नहीं दे सके। बाद में 27 जून को दोबारा योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने नगरी बाजार से मछली बेचकर लौट रहे विप्लव मंडल की गतिविधियों पर नजर रखी और गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल में घात लगाकर लकड़ी के डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मछली बिक्री की नकदी और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए तथा आपस में रकम का बंटवारा कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में गरियाबंद जिले के बोईरगांव निवासी टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19), सुरेंद्र यादव (26) और जगदीश विश्वकर्मा (50) को गिरफ्तार किया है। वहीं, दो विधि से संघर्षरत बालकों के विरुद्ध भी किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 37,800 रुपये नकद, मृतक के दो मोबाइल फोन, घटना की योजना में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल, वारदात में प्रयुक्त तीन लकड़ी के डंडे, दो लोहे के चाकू, दो मोटरसाइकिल और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 309(6) और 311 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं, दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।



