रायपुर। राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को शुक्रवार को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई की सूचना मिलते ही वार्ड क्रमांक 16 और 17 के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान अधिकारियों का घेराव किया गया, वहीं भाजपा नेताओं के खिलाफ “वापस जाओ” के नारे भी लगाए गए।
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जानकारी के मुताबिक प्रशासन द्वारा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की तैयारी की गई थी। टीम के मौके पर पहुंचते ही स्थानीय लोग विरोध में उतर आए। कुछ देर के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई, जिसके बाद हालात को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने 25 जून की तारीख वाला नोटिस 26 जून को चस्पा किया। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त समय दिए कार्रवाई की तैयारी कर ली गई, जिससे उन्हें अपनी बात रखने या वैकल्पिक व्यवस्था करने का मौका नहीं मिल सका। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं और पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना हटाने की कार्रवाई उचित नहीं है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई नियमानुसार और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है। प्रशासन का कहना है कि आगे की कार्रवाई स्थानीय परिस्थितियों और नियमों के अनुरूप की जाएगी, जबकि ग्रामीणों ने पुनर्वास और पर्याप्त समय दिए बिना कार्रवाई का विरोध जारी रखने की चेतावनी दी है।



