रायपुर। राजधानी रायपुर ग्रामीण के खरोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मांठ में धर्मांतरण से जुड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास के आरोप में पुलिस ने दो पास्टरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद मामले ने सामाजिक और राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम मांठ के निवासी हेमंत मरावी सहित अन्य ग्रामीणों ने खरोरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रायपुर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उनका सहयोगी पीयूष पटेल लंबे समय से गांव के आदिवासी मोहल्ले में सक्रिय थे और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि दोनों परंपरागत धार्मिक मान्यताओं और देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कई बार समझाइश देने के बावजूद आरोपी अपनी गतिविधियों से पीछे नहीं हटे।
घटना 24 जून की बताई जा रही है, जब दोनों आरोपी एक बार फिर ग्राम मांठ पहुंचे और ग्रामीणों के बीच प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया। इस दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर दोनों पास्टरों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 302, 3(5) तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद ईसाई समाज के लोग बड़ी संख्या में विधानसभा थाना पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। समाज के लोगों का कहना है कि दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, पुलिस ने सुरक्षा कारणों और आगे की पूछताछ के लिए दोनों आरोपियों को विधानसभा थाना स्थानांतरित किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।



