कोरिया। छत्तीसगढ़ के चर्चित कटगोड़ी-नौगई तिहरे हत्याकांड मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बैकुंठपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घटना को षड्यंत्र से प्रेरित बताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
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भूपेश बघेल ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध नजर आ रही है। उन्होंने मांग की कि जिले के सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों का तत्काल तबादला कर मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav के बुलडोजर कार्रवाई वाले बयान पर तंज कसते हुए बघेल ने कहा कि सरकार के मंत्री पहले अपने विभाग की व्यवस्था सुधारें। स्कूल खुल चुके हैं, लेकिन अब तक बच्चों को किताबें और बस्ते नहीं मिले हैं, जबकि सरकार दूसरी बातों में व्यस्त है।
उन्होंने क्षेत्रीय विधायक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता की चमक-दमक में सरकार के जनप्रतिनिधि संवेदनाएं भूल चुके हैं। इस दौरान पूर्व विधायक Gulab Kamro और Ambika Singhdeo भी मौजूद रहे।
परिजनों ने उठाई सीबीआई जांच की मांग
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान परिजनों ने घटना को पुलिस की लापरवाही का परिणाम बताते हुए अब तक की कार्रवाई पर असंतोष जताया। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिवार ने पूर्व मुख्यमंत्री से न्याय दिलाने की उम्मीद जताई।
कौन थे भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह?
मृतक भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह बैकुंठपुर-सोनहत क्षेत्र के प्रभावशाली और चर्चित व्यक्ति थे। वे सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके थे। पहले वे पूर्व मंत्री Ramchandra Singhdeo के करीबी माने जाते थे, जबकि वर्तमान में भाजपा से जुड़े हुए थे।
क्षेत्र में उनका मजबूत राजनीतिक प्रभाव था। इसके अलावा वे बड़े ठेकेदार थे और क्रशर कारोबार से जुड़े थे। बताया जा रहा है कि उनके भतीजे को हाल ही में रेत खदान का ठेका मिला था, जिसे लेकर दूसरे पक्ष के साथ विवाद चल रहा था। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।



