कोरबा। जिले में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई करते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तहसील कार्यालय कटघोरा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 मंजू कृष्णा धिरही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह भी पढ़े :- ESIC अस्पताल के पास तालाब किनारे मिला भ्रूण, दूसरी बार घटना से इलाके में दहशत
जानकारी के अनुसार, मामला तहसील कार्यालय में नकल (प्रमाणित प्रतिलिपि) जारी करने के एवज में अवैध राशि की मांग से जुड़ा हुआ है। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा के समक्ष एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिसमें आवेदक किशन कुमार से रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था।
वीडियो साक्ष्य से बढ़ी कार्रवाई की गंभीरता
शिकायत के साथ कथित रूप से एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की गई थी, जिसमें अवैध राशि की मांग से संबंधित आरोपों को आधार बताया गया। मामले की प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा द्वारा जांच के बाद सहायक ग्रेड-2 मंजू कृष्णा धिरही के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इसके बाद कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी ताकि आम नागरिकों को पारदर्शी और निष्पक्ष सेवाएं मिल सकें।
निलंबन अवधि में नई तैनाती
आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान मंजू कृष्णा धिरही का मुख्यालय तहसील कार्यालय पोंड़ी-उपरोड़ा निर्धारित किया गया है। वे इस अवधि में प्रशासनिक नियमों के तहत संबंधित मुख्यालय में उपस्थित रहेंगी।



