बिलासपुर। NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में बिलासपुर में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भिलाई विधायक देवेंद्र यादव सहित NSUI और कांग्रेस के कई नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।
यह भी पढ़े :- कोड़िया धान खरीदी केंद्र में भीषण आग, लगभग 300 बोरा से अधिक धान जलकर खाक
पुलिस के मुताबिक 3 जून को NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव करने के उद्देश्य से प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों को मंत्री निवास तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की गई थी। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका उत्पन्न हो गई। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए रास्ता बाधित किया और सार्वजनिक व्यवस्था में व्यवधान पैदा किया।
इस मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय , जिला शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रासहित अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 190, 191(2), 292 और 293 के तहत अपराध दर्ज किया है।
गौरतलब है कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में NSUI और कांग्रेस लगातार आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस और NSUI नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कार्रवाई बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक शांति भंग होने से रोकने के लिए वैधानिक कार्रवाई की गई है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस प्रदर्शन के दौरान मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।



