दुर्ग। जिले के कोड़िया धान खरीदी केंद्र में शनिवार को अचानक भीषण आग लगने से भारी नुकसान हो गया। आग की चपेट में आने से केंद्र में संग्रहित करीब 300 बोरा धान जलकर खाक हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धान खरीदी केंद्र से अचानक धुआं और आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। इसकी सूचना तत्काल दमकल विभाग और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही दुर्ग से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
भीषण गर्मी और सूखे वातावरण के कारण आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे धान का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। आग की विकरालता को देखते हुए दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
ग्रामीणों का अनुमान है कि आसपास खेतों में पैरा जलाने के दौरान निकली चिंगारी या आग की लपटें धान खरीदी केंद्र तक पहुंच गई होंगी, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना की सूचना मिलते ही दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने तथा आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित धान की मात्रा और हुए आर्थिक नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है।
अग्निशमन विभाग के अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम को तत्काल रवाना किया गया था। आग काफी तेजी से फैल चुकी थी, जिसके कारण उसे नियंत्रित करने में कठिनाई हुई। लगभग पांच टैंकर पानी और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।



