बीजापुर। बस्तर संभाग के नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक की चिंगेर पंचायत में बन रहे एक स्कूल भवन के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
यह भी पढ़े :- 127 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार; 72 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त
स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि भवन निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा था, जिससे संरचना की मजबूती पर संदेह पैदा हो गया है। वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि निर्माण में प्रयुक्त सामग्री को आसानी से उखाड़ा जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार और लापरवाही की आशंका और गहरी हो गई है।

मामले के सामने आने के बाद संबंधित निर्माण कार्य को रोक दिया गया है और मौके पर जेसीबी के माध्यम से निर्माण में लगी सामग्री हटाने की कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि कार्य में मानकों की अनदेखी कर घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं।
स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और संबंधित इंजीनियरों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले की जांच की प्रक्रिया की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों और वायरल वीडियो की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर नक्सल प्रभावित और दूरस्थ इलाकों में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है या मामला अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।



