Mahadev Satta Case : ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े चर्चित महादेव ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इसके प्रमुख संचालकों में से एक सौरभ चंद्राकर की करीब 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क (अटैच) कर ली हैं।
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एजेंसी ने कुल 20 अचल संपत्तियों पर कार्रवाई की है, जिनमें 18 संपत्तियां दुबई और 2 नई दिल्ली में स्थित हैं। इन संपत्तियों की कुल बाजार कीमत लगभग 1700 करोड़ रुपये आंकी गई है।
4300 करोड़ तक पहुंचा कुल एक्शन
ईडी के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 4300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं। इससे यह मामला देश के सबसे बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शामिल हो गया है।

सट्टे के पैसे से बनाई गई संपत्तियां
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी ने अवैध सट्टेबाजी (Mahadev Satta Case) से अर्जित धन को वैध दिखाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का सहारा लिया। इस रकम को देश और विदेश में रियल एस्टेट, लग्जरी बंगले, महंगी गाड़ियों और अन्य संपत्तियों में निवेश किया गया।

ईडी का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से संगठित तरीके से संचालित हो रहा था और इसके जरिए करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार किया जा रहा था।
दुबई के प्राइम लोकेशन पर निवेश
कुर्क की गई संपत्तियों में बुर्ज खलीफा, दुबई हिल्स एस्टेट, बिजनेस बे और SLS होटल एंड रेजिडेंस जैसे प्राइम लोकेशनों की हाई-एंड प्रॉपर्टीज शामिल हैं। इनमें लग्जरी विला और अपार्टमेंट शामिल हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि इन संपत्तियों को सौरभ चंद्राकर के अलावा उनके सहयोगियों और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम पर खरीदा गया था। इनमें विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन टिबरेवाल और सुरेंद्र बागरी जैसे नाम शामिल हैं।
आगे और कार्रवाई के संकेत
ईडी की यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। एजेंसी के अनुसार, जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कस सकता है। (Mahadev Satta Case)



