बिलासपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरीघाट पुल के पास हुई लूट और हत्या के मामले में पुलिस ने सात माह बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि 15 जुलाई 2025 को सीपत क्षेत्र के नरगोड़ा निवासी राजेंद्र सूर्यवंशी (25) पुल के पास बैठे थे। तभी शनि गंधर्व और विकास उर्फ भोले केंवट ने उन पर हमला किया, उनकी जेब से रुपये और मोबाइल छीन लिए और बेहोश कर उन्हें अरपा नदी में फेंक दिया।
युवक का शव मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के मोबाइल को सर्विलांस के तहत तलाशा। जनवरी 2026 में सूचना मिली कि मोबाइल पचरीघाट का शनि गंधर्व चला रहा है। शनि को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। शुरुआत में वह गोलमोल जवाब देता रहा, लेकिन नाबालिग से पूछताछ के बाद पूरी घटना का खुलासा हुआ।
पूछताछ में शनि और विकास ने स्वीकार किया कि शराब पीकर पुल पर राजेंद्र पर हमला किया था। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया और आदेशानुसार उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी युवक को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लगातार पूछताछ और नाबालिग से मिली जानकारी के बाद घटना का सारा सच सामने आया।



