रायपुर। ‘वीबी जी राम जी’ योजना को लेकर कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि आखिर इस मुद्दे पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब व्यवस्था को भ्रष्टाचार से मुक्त किया जा रहा है, मजदूरों को रोजगार मिलेगा और डीबीटी के जरिए सीधे खाते में पैसा पहुंचेगा, तो इससे कांग्रेस को तकलीफ क्यों हो रही है।
पत्रकार वार्ता में उज्ज्वल दीपक ने कहा कि इस योजना से कांग्रेस का “जाल” टूटने वाला है और समय बताएगा कि यह बिल कितना मजबूत साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भगवान राम के नाम को लेकर अनर्गल बयानबाजी कर रही है। नाम अंग्रेजी में हो या किसी अन्य भाषा में, कांग्रेस भगवान राम को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पूरा विरोध नीति को लेकर नहीं, बल्कि सिर्फ नाम को लेकर है।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या 100 कार्यदिवस बढ़ाकर 125 किए जाने से कांग्रेस को परेशानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 60 दिन की छुट्टी को लेकर राज्यों को निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी गई है। पहले जो काम 15 दिन में होता था, अब 60 दिन में पूरा होगा। देश में 3 राज्यों में कांग्रेस और 20 से अधिक राज्यों में भाजपा की सरकार है, फिर तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में ही विरोध क्यों हो रहा है?
10 जनवरी से कांग्रेस द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर उज्ज्वल दीपक ने कहा कि कांग्रेस के पास मुद्दों की कमी है। पार्टी के भीतर कई गुट बन चुके हैं और आपसी मतभेदों के कारण ही इस तरह का विरोध सामने आ रहा है। मनरेगा को लेकर राज्य सरकार द्वारा कराई जा रही जांच पर उन्होंने कहा कि सोशल ऑडिट में जो तथ्य सामने आए हैं, वे देशभर में सामान्य हैं और छत्तीसगढ़ ने इस मामले में बेहतर प्रदर्शन किया है।
वहीं चौथी कक्षा की अर्द्धवार्षिक परीक्षा में अंग्रेजी प्रश्नपत्र में भगवान राम के नाम को लेकर हुए विवाद पर भाजपा प्रवक्ता ने इसे बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में डीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि किसी ने जानबूझकर हिंदू धर्म के खिलाफ ऐसा किया है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उज्ज्वल दीपक ने कहा कि यदि किसी अन्य धर्म से जुड़ा मामला होता, तो यह मुद्दा सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से उछल चुका होता। उन्होंने दोहराया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।



