नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी के अंदर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। बीजेपी और आरएसएस की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए सिंह द्वारा साझा की गई पोस्ट पर कांग्रेस में असंतोष गहराया है और कई नेता अलग-अलग बयान दे रहे हैं।
PM मोदी की फोटो शेयर कर की संगठनात्मक मॉडल की तारीफ
शनिवार को दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि “बीजेपी-आरएसएस में जमीनी कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने तक का मौका मिलता है।”
यह टिप्पणी पार्टी नेताओं को नागवार गुजरी और देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया।

बढ़ते विवाद के बाद सिंह को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि वे RSS की विचारधारा के आज भी कट्टर विरोधी हैं, लेकिन उनकी टिप्पणी सिर्फ संगठनात्मक ढांचे पर थी।
खड़गे का तीखा जवाब — “हमारी रीढ़ कमजोर नहीं”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिना नाम लिए पलटवार करते हुए कहा—
“हमारी ताकत कम हो सकती है, पर रीढ़ कमजोर नहीं। हम धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगते।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरएसएस नेताओं ने एक समय तिरंगा तक स्वीकार नहीं किया और जनता के अधिकारों को कुचलते रहे हैं।
कांग्रेस दो खेमों में?
मामले पर कांग्रेस में कई तरह के बयान सामने आए:
नेता प्रतिक्रिया
पवन खेड़ा गोडसे के समर्थक गांधी के समर्थक नहीं हो सकते
सुप्रिया श्रीनेत कांग्रेस को RSS से कुछ सीखने की जरूरत नहीं
सचिन पायलट पार्टी पूरी तरह एकजुट, राय रखने की स्वतंत्रता
सलमान खुर्शीद सिंह का आकलन व्यावहारिक, नेतृत्व के प्रति प्रतिबद्ध
सफाई के बाद भी चर्चा जारी
दिग्विजय सिंह की सफाई के बावजूद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। पार्टी नेतृत्व अब इस बयान के संभावित राजनीतिक असर को लेकर सतर्क हो गया है।



