रायपुर | छत्तीसगढ़ बंद के दौरान राजधानी रायपुर के मैग्नेटो मॉल में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस मामले में बलवा सहित अन्य गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। देर रात पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में करीब एक दर्जन कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि अब तक पुलिस की ओर से हिरासत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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इधर, बजरंग दल ने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा और गलत बताते हुए खुला विरोध शुरू कर दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने ऐलान किया है कि इसके विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ता सिविल लाइन थाना पहुंचकर सामूहिक गिरफ्तारी देंगे। हालात को देखते हुए रायपुर पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है और सिविल लाइन थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी की जा रही है।
बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियों के विरोध में हजारों कार्यकर्ता गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन और उग्र होगा।
गौरतलब है कि 24 दिसंबर, क्रिसमस से एक दिन पहले, छत्तीसगढ़ बंद के दौरान मैग्नेटो मॉल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई थी। आरोप है कि 30 से 40 लोग लाठी-डंडे और हॉकी स्टिक लेकर मॉल में घुस आए और वहां मौजूद लोगों से धर्म और जाति पूछते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस घटना से मॉल में मौजूद स्टाफ और ग्राहक दहशत में आ गए थे।
मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने बताया कि मॉल पूरी तरह बंद था और उन्होंने बंद का समर्थन भी किया था, इसके बावजूद 50 से 100 लोग जबरन मॉल में घुस आए। उन्होंने कहा कि उपद्रवी हाथों में लाठी और हॉकी स्टिक लिए हुए थे और कर्मचारियों से पूछ रहे थे — आप हिंदू हो या क्रिश्चियन? आपकी जाति क्या है?” यहां तक कि आईडी कार्ड और बैज देखकर पहचान पूछी जा रही थी, जिससे कर्मचारियों में भारी भय का माहौल बन गया। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस की नजर विरोध प्रदर्शन पर है, वहीं शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।



