दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने ऑपरेशन विश्वास के तहत शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर युवती को गुमराह किया और छलपूर्वक विवाह कर लिया। मामले में थाना उतई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
शादी से पहले छिपाई सच्चाई
पीड़िता ने 22 दिसंबर 2025 को थाना उतई में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थिया ने बताया कि आरोपी विजय कुमार पाण्डेय ने अपने पूर्व विवाह, तलाक, उम्र और नौकरी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाकर उसे धोखे में रखकर विवाह किया।
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पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विवाह के लिए मध्यस्थता करने वाली विद्वासनी शुक्ला को इन तथ्यों की जानकारी होने के बावजूद उसने जानबूझकर युवती को सच्चाई नहीं बताई और विवाह संपन्न करा दिया।
ससुराल में उत्पीड़न का आरोप
शिकायत के अनुसार, विवाह के बाद ससुराल में रहते हुए पीड़िता को आरोपी के व्यवहार के कारण शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। जब सच्चाई सामने आई, तो पीड़िता ने स्वयं को ठगा हुआ पाया।
BNS की धाराओं में केस दर्ज
मामले में थाना उतई में
अपराध क्रमांक 505/2025,
धारा 318(4), 85 भारतीय न्याय संहिता (BNS)
के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पूछताछ में कबूलनामा
आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि उसका पूर्व विवाह विच्छेद हो चुका था, लेकिन सामाजिक कारणों से उसने अपनी वास्तविक स्थिति छिपाकर विवाह किया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से
✔ आधार कार्ड
✔ पैन कार्ड
✔ पूर्व विवाह विच्छेद का न्यायालयीन आदेश
जब्त किया है।
आरोपी न्यायिक हिरासत में
सभी साक्ष्य एकत्र करने के बाद आरोपी विजय कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।



