मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के खुड़िया वन परिक्षेत्र में बाघिन की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। कारीडोंगरी परिसर के जंगल में वन विभाग की टीम को बाघिन के ताजे पगमार्क मिले हैं। इसके अलावा मौके पर चीतल के शिकार के अवशेष भी पाए गए हैं। इन संकेतों के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और आसपास के गांवों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
वन विभाग के मुताबिक, मामला खुड़िया वन परिक्षेत्र के कारीडोंगरी परिसर के कक्ष क्रमांक 494 का है। यहां गश्त के दौरान टीम को बाघिन के ताजे पगमार्क दिखाई दिए। घटनास्थल पर चीतल के शिकार के अवशेष मिलने के बाद वन विभाग ने बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
जंगल में कैमरा ट्रैप लगाए, गश्ती बढ़ाई
बाघिन की मौजूदगी के संकेत मिलने के बाद वनमंडल मुंगेली के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। प्रभावित क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। वन विभाग की टीमें नियमित गश्त कर रही हैं और जंगल के आसपास के इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इस निगरानी का उद्देश्य बाघिन की आवाजाही और गतिविधियों का पता लगाना है, ताकि ग्रामीणों और उनके मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पांच गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
वन विभाग ने कारीडोंगरी, झालरी, दुल्लापुर, खुड़िया और कंसारी सहित आसपास के गांवों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से जंगल में नहीं जाने और मवेशियों को चराने के लिए वन क्षेत्र में नहीं ले जाने की सलाह दी गई है।
विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को बाघिन दिखाई देती है या उसके पगमार्क नजर आते हैं, तो वह तत्काल वन विभाग को सूचना दे। बाघिन के करीब जाने, उसका पीछा करने या उसे परेशान करने से बचने की भी सलाह दी गई है।
वन विभाग ने कहा- घबराएं नहीं, सतर्क रहें
वनमंडलाधिकारी, वनमंडल मुंगेली ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। पूरे क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से घबराने के बजाय सावधानी रखने और वन विभाग की टीमों को सहयोग करने की अपील की है।




