रायपुर। राजधानी के पुरानी बस्ती स्थित करीब 250 साल पुराने शीतला माता मंदिर में नवरात्र के दौरान लगाए गए कथित आपत्तिजनक सूचना बोर्ड को लेकर विवाद बढ़ गया है। बुधवार को आक्रोशित यादव समाज के लोगों ने पुरानी बस्ती थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। समाज की शिकायत और बढ़ते विरोध के बीच पुलिस ने मंदिर के पीठाधीश नीरज सैनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
दरअसल, मंदिर परिसर में लगाए गए एक सूचना बोर्ड पर लिखा था- “ठग रौताइनों से सावधान, जल चढ़ाने हेतु किसी भी रौताइन को रुपये न दें।” इस भाषा को लेकर यादव समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है। समाज के लोगों का आरोप है कि बोर्ड पर लिखे शब्द यादव समाज की महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले हैं और इससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
मामले को लेकर यादव समाज के लोगों ने पहले भी पुलिस से शिकायत की थी। 17 अक्टूबर को समाज के प्रतिनिधियों ने पुरानी बस्ती थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी और विवादित शब्दों को हटाने के साथ जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

आज प्रदेश अध्यक्ष सुधीर यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाज के लोग दोबारा थाने पहुंचे और घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा था। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि नवरात्र के दौरान मां भगवती की पूजा के बीच यादव समाज की माताओं-बहनों के लिए आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया जाना बेहद गंभीर और अक्षम्य है। उन्होंने प्रशासन से जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
वहीं, लगातार बढ़ते विरोध और शिकायतों के बाद पुलिस ने शीतला मंदिर के पीठाधीश नीरज सैनी के खिलाफ BNS की धारा 196(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। विवादित सूचना बोर्ड को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।




