रायपुर। रक्षाबंधन का पावन पर्व में छत्तीसगढ़ के सभी जेलों में भी हर्षोल्लास और भावनात्मक माहौल के बीच मनाया गया। प्रदेश की केंद्रीय, जिला और उप जेलों में बड़ी संख्या में बहनें अपने निरुद्ध भाइयों से मिलने पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधकर सुख, स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन की कामना की।
यह भी पढ़े :- सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला से 3.90 लाख की ठगी, आरोपी के खिलाफ FIR
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ की 5 केंद्रीय जेलों, 22 जिला जेलों और 6 उप जेलों में रक्षाबंधन का पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। जेल परिसरों में भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का भावनात्मक दृश्य देखने को मिला।
इस दौरान बहनों ने जेल में निरुद्ध अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा और उनके जीवन में सुख-शांति की कामना की। वहीं बंदियों ने भी बहनों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के साथ जीवन में अच्छे मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के प्रेम, स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। ऐसी पारंपरिक और सांस्कृतिक गतिविधियां जेलों में बंद लोगों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होती हैं।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्व बंदियों में मानसिक शांति, पारिवारिक जुड़ाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। जेल की सलाखों के बीच भी भाई-बहन का यह पवित्र रिश्ता बंदियों को जीवन में सुधार और नई शुरुआत की प्रेरणा देता है।
रक्षाबंधन के अवसर पर जेलों में आयोजित इस भावनात्मक मिलन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि पारिवारिक रिश्तों की डोर किसी भी परिस्थिति से अधिक मजबूत होती है और प्रेम व अपनापन जीवन में सकारात्मक बदलाव की राह खोल सकता है।




