नई दिल्ली: NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में जारी सियासी और सामाजिक संग्राम और तेज़ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात देश के छात्रों के नाम एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर कड़े कदम उठाने का भरोसा दिया,
वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानून का मसौदा तैयार: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट किया कि पेपर लीक कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है।
कड़ी कार्रवाई का आश्वासन: पीएम ने बताया कि पिछले ढाई महीनों में दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की गई है और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
संसद में लाया जाएगा विधेयक: सरकार जल्द ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और पेपर लीक मामलों में कठोरतम सजा का प्रावधान करने वाला नया विधेयक संसद में पेश करेगी। इसका मसौदा तैयार हो चुका है और केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में जल्द ही इसे मंजूरी दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त
छात्र आंदोलन से जुड़ी एक अन्य बड़ी खबर में, NEET मामले और छात्रों की मांगों के समर्थन में पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से सकारात्मक बातचीत के बाद उन्होंने गुरुवार देर रात उपवास तोड़ा।



