Vastu Shastra : कई बार आर्थिक तंगी, बार-बार असफलता या मेहनत के बावजूद तरक्की न मिलने के पीछे घर या कार्यस्थल का गलत वास्तु भी एक बड़ा कारण माना जाता है। वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार घर में ऊर्जा का सही संतुलन सुख-समृद्धि और धन के आगमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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यदि आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव चाहते हैं, तो वास्तु के ये 4 आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं।
1. उत्तर दिशा रखें साफ, यहीं से आता है धन का प्रवाह
वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता Kubera का स्थान माना गया है। यह दिशा करियर, व्यापार और नए अवसरों से जुड़ी होती है। यदि यहां भारी सामान, कबाड़ या अवरोध मौजूद है, तो आर्थिक प्रगति प्रभावित हो सकती है।
क्या करें?
उत्तर दिशा को साफ, खुला और हल्का रखें। इस हिस्से में नीले रंग का प्रयोग करें या बहते पानी अथवा नदी की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है।
2. तिजोरी की सही दिशा तय करती है बचत
घर में धन और आभूषण रखने की जगह का वास्तु से सीधा संबंध माना जाता है। गलत दिशा में रखी तिजोरी से धन संचय में बाधा आ सकती है।
क्या करें?
तिजोरी या कैश बॉक्स को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें, लेकिन ध्यान रहे कि उसका दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुले। मान्यता है कि इससे धन वृद्धि के योग बनते हैं।
3. पानी का बहाव रोक सकता है आर्थिक नुकसान
वास्तु के अनुसार पानी का संबंध धन से माना जाता है। घर में पानी की गलत दिशा में निकासी या लगातार रिसाव होने से अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं।
क्या करें?
ध्यान रखें कि पानी का निकास उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो। घर में कहीं भी नल या पाइप से रिसाव हो रहा हो तो उसे तुरंत ठीक करवाएं, क्योंकि इसे धन हानि का संकेत माना जाता है।
4. मुख्य द्वार रखें रोशन और सकारात्मक
मुख्य द्वार को घर में ऊर्जा प्रवेश का प्रमुख स्थान माना जाता है। यदि यह स्थान साफ-सुथरा और रोशनी से भरपूर हो, तो सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसरों का आगमन होता है।
क्या करें?
मुख्य द्वार पर पर्याप्त रोशनी रखें, सुंदर लैंप लगाएं और दरवाजे के पास स्वास्तिक या शुभ-लाभ का चिन्ह बनाएं। दरवाजा खोलते-बंद करते समय आवाज नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसे नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है।
छोटे-छोटे वास्तु सुधार घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के साथ जीवन में सुख-समृद्धि और आर्थिक मजबूती लाने में सहायक माने जाते हैं। कई बार सिर्फ दिशा और व्यवस्था बदलने से भी बड़े बदलाव महसूस किए जा सकते हैं। (Vastu Shastra)



