रायपुर। राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे के समापन के बाद अब कांग्रेस संगठन के भीतर पोस्टर पॉलिटिक्स को लेकर नया विवाद सामने आया है। अभनपुर में आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर और राहुल गांधी के स्वागत में लगाए गए पोस्टरों में पार्टी के सह-प्रभारियों की तस्वीरें न होने पर नाराजगी जताई गई है।
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जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के सह-प्रभारी जरिता लेतफलांग, संपत कुमार और विजय जांगिड़ ने इस मुद्दे पर आपत्ति दर्ज कराते हुए मामले की शिकायत पार्टी हाईकमान तक पहुंचाई है। यह मामला प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के समक्ष भी उठाया गया है।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान लगाए गए अधिकांश पोस्टरों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व महापौर एजाज ढेबर की तस्वीरें प्रमुख रूप से दिखाई दीं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत जैसे वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें अपेक्षाकृत छोटे आकार में नजर आईं।
सूत्रों के अनुसार, प्रशिक्षण शिविर के आयोजन और प्रचार-प्रसार में एजाज ढेबर की सक्रिय भूमिका के चलते उनकी तस्वीरों को प्रमुखता मिली, जिससे संगठन के भीतर असंतोष की स्थिति बनी है।
राहुल गांधी अपने एक दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने अभनपुर स्थित प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया और करीब 40 मिनट तक प्रदेश नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों से भी संवाद किया।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राहुल गांधी रायपुर एयरपोर्ट लौटे, जहां उन्होंने सड़क किनारे एक चाय की टपरी पर रुककर चाय पी और पीसीसी चीफ दीपक बैज को अपने हाथों से बिस्किट भी खिलाया। इस दौरान सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
दौरे के बाद अब संगठनात्मक प्रशिक्षण से ज्यादा चर्चा पोस्टरों और अंदरूनी असंतोष की हो रही है। सह-प्रभारियों की शिकायत के बाद यह मुद्दा पार्टी के भीतर गुटीय संतुलन और नेतृत्व के प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है।



