रायपुर, 01 जून। Mass Marriage : बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में सामने आई अव्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के लिए संभागीय कमिश्नर को निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बेमेतरा में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि समारोह की एक विशेष बात यह रही कि क्षेत्रीय विधायक दीपेश साहू ने भी इसी मंच से विवाह कर समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, कार्यक्रम के लिए टेंट, पंडाल और अन्य व्यवस्थाएं सामान्य रूप से की गई थीं। हालांकि आयोजन के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज आंधी-बारिश के कारण टेंट एवं पंडाल प्रभावित हो गए। इससे समारोह की व्यवस्थाएं बाधित हुईं और कार्यक्रम में अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई।
उन्होंने बताया कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन के पास वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पुराने विश्राम गृह का विकल्प मौजूद था। इसी दौरान कार्यक्रम को महेश्वरी समाज भवन में आयोजित करने का सुझाव भी सामने आया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन ने इस संबंध में उनसे चर्चा की थी और उपलब्ध परिस्थितियों को देखते हुए अंततः विश्राम गृह में कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से ले रही है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि व्यवस्थाओं में किसी स्तर पर लापरवाही या कमी रही या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
गौरतलब है कि समारोह में सामने आई व्यवस्थागत खामियों को लेकर डॉ. रमन सिंह ने भी नाराजगी जताई थी। घटना के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में नायब तहसीलदार और विधायक समर्थकों के बीच हुए विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की हड़ताल को लेकर सरकार लगातार संवाद की प्रक्रिया में है और संबंधित पक्षों से चर्चा जारी है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया (Mass Marriage) कि बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकलेगा और प्रभावित प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से संचालित होने लगेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सभी विवादों का समाधान संवाद और समन्वय के जरिए किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



