रायपुर, 01 जून। Cyber Crime : छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों ने अपना खेल और भी खतरनाक बना लिया है। अब वे केवल OTP या बैंक डिटेल चुराकर संतुष्ट नहीं हो रहे, बल्कि सोशल मीडिया पर जाल बिछा रहे हैं, फर्जी निवेश योजनाओं का लालच दे रहे हैं, बैंक अधिकारियों और राजनेताओं के सहयोगियों के नाम पर कॉल कर रहे हैं और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर लोगों को लूट रहे हैं। राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और हर हफ्ते नई घटनाएं सामने आ रही हैं।
ताजा ठगी के चौंकाने वाले मामले:
28 मई: रायपुर के शिव को बैंक अधिकारी बनकर फोन किया गया। संदिग्ध लेनदेन की जांच का बहाना बनाकर उनके खाते से 73 हजार रुपये निकाल लिए गए।
31 मई: महालेखाकार कार्यालय में कार्यरत अकाउंटेंट शंकर बोस को फेसबुक पर दोस्ती का जाल बिछाकर क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर 16 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगों ने पहले विश्वास जीता, फिर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर लालच दिया और पूरा पैसा गायब कर दिया।
27 मई: रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का पीए बताकर फोन किया गया और मात्र 10 हजार रुपये ठग लिए गए। हालांकि रायपुर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और 24 घंटे के अंदर आरोपियों को ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया।
एक अन्य मामले में पशुपालन विभाग से सेवानिवृत्त डॉक्टर सपन कुमार को “डिजिटल अरेस्ट” का शिकार बनाया गया। ठगों ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर डराया और आर्थिक क्षति पहुंचाई। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आंकड़े हैं भयावह
जनवरी 2024 से जून 2025 तक छत्तीसगढ़ में 1,301 साइबर अपराध दर्ज हुए, जिनमें पीड़ितों को 107 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगा। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के अनुसार जनवरी 2023 से जून 2025 के बीच राज्य में 67,389 शिकायतें दर्ज हुईं और कुल 791 करोड़ रुपये की ठगी की जानकारी सामने आई।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रायपुर पुलिस ने 101 म्यूल अकाउंट धारकों (Cyber Crime) को गिरफ्तार किया, जिनके खातों से देशभर में 1.57 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई थी। इसके अलावा एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया, जिसने अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर दो साल में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की थी।
रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला ने नागरिकों से आह्वान किया है कोई भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, निवेश का ऑफर या सरकारी अधिकारी बनकर आने वाले मैसेज पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। तुरंत शिकायत करें, कई बार पैसा बचाया जा सकता है।



