रायपुर, 01 जून। Tehsildar Strike : छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारीयों पर राजनेताओं के समर्थकों का दबदबा एक बार फिर सामने आया है। इस बार नायब तहसीलदार तुषार मानिक को सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के समर्थकों ने उप तहसील कार्यालय में बुरी तरह पीटा। घटना के बाद राजस्व अधिकारियों में गुस्सा फूट पड़ा है और अब पूरा प्रदेश तहसीलदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया है।
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर आज से सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इससे राजस्व कार्यालयों में काम-काज पूरी तरह ठप हो गया है।
घटना क्या थी?
14 मई को मैनपाट की राजापुर उप तहसील में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी जमीन के शाख शोध पत्र (खाता-खतौनी) का काम कराने आई थी। आरोप है कि नायब तहसीलदार तुषार मानिक और स्टाफ उसे कई दिनों से दफ्तर के चक्कर लगवा रहे थे।
27 मई को जब सीमा धनकी फिर कार्यालय पहुंचीं तो नायब तहसीलदार से फाइल साइन करने की बात पर विवाद हो गया। नायब तहसीलदार ने उन्हें बाहर जाने को कहा। इसके बाद सीमा धनकी ने विधायक को फोन किया।
शाम करीब 6 बजे विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ उप तहसील पहुंचे। उन्होंने नायब तहसीलदार को वापस बुलाया और बहन के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। बात बढ़ते ही विधायक के समर्थकों ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक की जमकर पिटाई कर दी। एसडीएम फागेश सिन्हा ने बीच-बचाव कर उन्हें किसी तरह बचाया और अपनी गाड़ी में बैठाकर अंबिकापुर भेजा।
दोनों तरफ FIR दर्ज
नायब तहसीलदार तुषार मानिक की शिकायत पर विधायक रामकुमार टोप्पो समेत 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। धाराएं: शासकीय काम में बाधा डालना, मारपीट (BNS 221, 191)। वहीं विधायक की बहन सीमा धनकी की शिकायत पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक पर भी केस दर्ज हुआ है। धाराएं: महिलाओं से जुड़े अपराध, अश्लीलता, आपराधिक धमकी (BNS 79, 296, 351)।
अधिकारीयों में आक्रोश
29 मई को पहले ही प्रदेशभर में 500 से ज्यादा तहसीलदारों ने सामूहिक अवकाश लेकर विरोध जताया था, लेकिन मुख्य आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई। संघ का कहना है कि अगर ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो अधिकारियों का मनोबल टूट जाएगा और सरकारी कामकाज में भय का माहौल बन जाएगा। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक मुख्य दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी।



