कांकेर। उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस ने एक साल पुराने ब्लाइंड मर्डर की ऐसी गुत्थी सुलझाई है जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पत्नी, उसके प्रेमी और दो सहयोगियों ने मिलकर पति को रास्ते से हटाने के लिए ऐसी साजिश रची कि हत्या को दुर्घटना साबित करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और महीनों की पड़ताल ने आखिरकार इस खूनी खेल का पर्दाफाश कर दिया।
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मामला थाना बांदे क्षेत्र का है, जहां 24 मई 2025 को महेश विश्वास का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन शव पर मिले निशानों ने पुलिस के संदेह को गहरा कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण विद्युत करंट लगना सामने आया, लेकिन हत्यारों ने इतने शातिर तरीके से सबूत मिटाए थे कि मामला एक साल तक अंधे कत्ल बना रहा।
पत्नी और प्रेमी के रिश्ते ने ली जान
पुलिस की गहन जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास और इन्द्रजीत दास के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। मृतक को इस रिश्ते की भनक लग चुकी थी, जिसके चलते परिवार में लगातार विवाद हो रहा था। जब महेश विश्वास ने पत्नी से अलग होने और तलाक की तैयारी शुरू की, तब आरोपियों ने उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
शराब पिलाई, खेत ले गए और उतार दिया मौत के घाट
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित योजना के तहत महेश विश्वास को बहाने से खेत तक बुलाया। वहां उसे अधिक मात्रा में शराब पिलाकर अचेत कर दिया गया। इसके बाद ट्यूबवेल में इस्तेमाल होने वाले बिजली के तार से करंट लगाकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद पूरे घटनाक्रम को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई ताकि किसी को शक न हो और पुलिस गुमराह हो जाए।
तकनीक बनी हत्यारों की दुश्मन
लगातार तकनीकी निगरानी, मोबाइल डेटा विश्लेषण, साइबर जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने आरोपियों के झूठ की परतें उधेड़ दीं। पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर हत्या में प्रयुक्त विद्युत तार, मोबाइल फोन और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए। क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान भी पूरी साजिश की पुष्टि हो गई।
चार आरोपी सलाखों के पीछे
पुलिस ने मामले में सरस्वती विश्वास, इन्द्रजीत दास, सुरेन्द्र छबड़ा और रंजीत सरकार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एक साल बाद मिला इंसाफ
कांकेर पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण खुलासों में माना जा रहा है। एक साल तक रहस्य बने इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर पुलिस ने साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितनी भी शातिर चाल चल लें, कानून की नजर से बच नहीं सकते।
“पत्नी-प्रेमी की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश: करंट लगाकर की हत्या, एक साल बाद खुला अंधे कत्ल का राज”
तलाक की तैयारी कर रहे पति को बनाया निशाना, वैज्ञानिक जांच ने बेनकाब किए चारों आरोपी।



